भोपाल की सड़कों पर उतरीं वातानुकूलित ई-बसें, 3 रूट पर 10 बसों का संचालन शुरू
भोपाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तौर पर वातानुकूलित (AC) ई-बसें गुरुवार सुबह से आम यात्रियों के लिए शुरू हो गईं। प्रारंभिक चरण में 3 रूट पर 10 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 30 जुलाई 2026
भोपाल शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, वातानुकूलित (AC) इलेक्ट्रिक बसें गुरुवार की सुबह यात्रियों के लिए सड़कों पर उतर आईं। टिकटिंग सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग और खाली बसों के ट्रायल रन सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद, इन पर्यावरण-अनुकूल बसों ने शहर के 3 प्रमुख मार्गों पर अपनी सेवाएं देना शुरू कर दिया है।
पहले चरण में कुल 10 ई-बसों का संचालन विभिन्न समय अवधियों में किया जा रहा है। इन बसों का किराया वर्तमान में शहर में चल रही लाल सिटी बसों के बराबर ही रखा गया है। न्यूनतम किराया 6 से 7 रुपये और अधिकतम किराया 40 रुपये निर्धारित किया गया है। इस वजह से यात्रियों को वातानुकूलित यात्रा का अनुभव करने के लिए अतिरिक्त भुगतान नहीं करना पड़ेगा, जो एक बड़ी राहत है।
ई-बसें इन तीन मार्गों पर चलेंगी
शुरुआती तौर पर, ई-बसों का संचालन चिरायु हॉस्पिटल से डीबी मॉल मेट्रो स्टेशन वाया बैरागढ़ चिचली तक, चिरायु हॉस्पिटल से डीबी मॉल मेट्रो स्टेशन तक, और चिरायु हॉस्पिटल से कोच फैक्ट्री तक किया जा रहा है। ये मार्ग शहर के विभिन्न महत्वपूर्ण हिस्सों को जोड़ते हैं, जिससे अधिक से अधिक यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
पुरानी व्यवस्था की चुनौतियां और नई बसों का महत्व
भोपाल में दो साल पहले तक 368 सिटी बसें संचालित होती थीं, जिनकी संख्या अब घटकर 50 से भी कम रह गई है। ऐसे में, इन नई ई-बसों का परिचालन शहर की परिवहन व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हालांकि, मौजूदा बस स्टॉपेज का उपयोग किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को नई ई-बसों के रूट पर यात्रा करते समय पुरानी बसों के स्टॉपेज पर ही उतरने या चढ़ने की सुविधा मिल रही है। फिलहाल, बसों के समय की सटीकता को लेकर अभी कुछ स्पष्टता नहीं है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही इसके लिए एक निश्चित समय-सारणी जारी की जाएगी।
कुल मिलाकर 30 ई-बसें भोपाल के लिए आ चुकी हैं, जिनमें से पहले चरण में 10 को परिचालन में लाया गया है। यह पहल शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने और यात्रियों को आरामदायक एवं आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।
