भोपाल जंक्शन की बदहाल सुविधाएँ, यात्री परेशान; रानी कमलापति बना मॉडल
भोपाल जंक्शन पर भीड़, गंदगी और रखरखाव की कमी से यात्री परेशान हैं, जबकि रानी कमलापति स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडल के रूप में स्थापित हो चुका है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 5 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का भोपाल जंक्शन रेलवे स्टेशन, जो प्रतिदिन हजारों यात्रियों के आवागमन का प्रमुख केंद्र है, इन दिनों भीड़, गंदगी और बदहाल सुविधाओं के कारण यात्रियों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसके विपरीत, शहर का ही रानी कमलापति रेलवे स्टेशन अपनी आधुनिकता, बेहतर प्रबंधन और उत्कृष्ट यात्री सुविधाओं के चलते देशभर के रेलवे स्टेशनों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में स्थापित हो चुका है।
भोपाल जंक्शन पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रेनों का संचालन होता है, जिसके परिणामस्वरूप प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय और प्रवेश-निकास मार्गों पर अक्सर अत्यधिक भीड़ देखी जाती है। इस भारी भीड़ के बीच साफ-सफाई बनाए रखना एक जटिल कार्य साबित हो रहा है, जिससे स्टेशन के कई हिस्सों में गंदगी और दुर्गंध की शिकायतें आम हो गई हैं। यात्रियों का कहना है कि व्यस्ततम समय में स्टेशन परिसर में चलना-फिरना भी दूभर हो जाता है, जो दैनिक यात्रियों और लंबी यात्रा करने वालों, दोनों के लिए असुविधाजनक है।
बुनियादी ढांचे में रखरखाव की कमी
यात्रियों को भोपाल जंक्शन पर केवल भीड़ और गंदगी से ही नहीं, बल्कि रखरखाव की कमी से भी जूझना पड़ता है। स्टेशन पर उपलब्ध कई महत्वपूर्ण सुविधाएं, जैसे लिफ्ट, एस्केलेटर और व्हीलचेयर, अक्सर खराब पाई जाती हैं। इन सुविधाओं का नियमित रूप से काम न करना बुजुर्ग यात्रियों, दिव्यांगजनों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों के लिए गंभीर परेशानी का सबब बनता है। यात्रियों ने इन सुविधाओं के नियमित रखरखाव और समय पर मरम्मत की आवश्यकता पर बल दिया है, ताकि वे अपनी यात्रा सुगमता से पूरी कर सकें।
शुल्क वृद्धि पर यात्रियों की नाराजगी
स्टेशन परिसर में उपलब्ध बुनियादी सेवाओं, जैसे पेयजल, खानपान और अन्य आवश्यक सेवाओं के शुल्क को लेकर भी यात्रियों में व्यापक असंतोष है। निजी एजेंसियों द्वारा संचालित इन सेवाओं के ऊंचे दाम सामान्य और मध्यम वर्गीय यात्रियों के लिए चिंता का विषय हैं। उनका मानना है कि इन सुविधाओं की लागत उनकी यात्रा के कुल खर्च को अनावश्यक रूप से बढ़ा देती है, जिससे यात्रा महँगी सिद्ध होती है। यात्रियों ने सार्वजनिक परिवहन के रूप में रेलवे से सस्ती और सुलभ सेवाओं की अपेक्षा व्यक्त की है।
रानी कमलापति: आधुनिकता का प्रतीक
भोपाल का रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, जो पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया गया है, भारत का पहला विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन होने का गौरव प्राप्त है। यह स्टेशन एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें आधुनिक प्रतीक्षालय, उन्नत सुरक्षा व्यवस्था, स्वचालित एस्केलेटर और लिफ्ट, पूरी तरह स्वच्छ परिसर, एक सुव्यवस्थित डिजिटल सूचना प्रणाली और यात्रियों की सुविधा के अनुरूप अनेक अन्य आधुनिक व्यवस्थाएं शामिल हैं। इन विशिष्टताओं के कारण, रानी कमलापति स्टेशन को देश भर में रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए एक आदर्श उदाहरण के रूप में देखा जाता है।
भोपाल जंक्शन पर दबाव कम करने के प्रयास
भोपाल जंक्शन पर अत्यधिक भीड़ के दबाव को कम करने के उद्देश्य से हाल ही में निशातपुरा रेलवे स्टेशन का विकास कर उसका लोकार्पण किया गया है। इस नए स्टेशन से कुछ ट्रेनों का संचालन करने की योजना है, जिसका मुख्य लक्ष्य भोपाल जंक्शन पर यातायात के बोझ को कम करना और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है। इसके अतिरिक्त, स्टेशन पर यात्रियों के विश्राम की सुविधा को बढ़ाने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर एक आधुनिक पॉड होटल की सुविधा भी प्रारंभ की गई है। यह सुविधा कम समय के लिए ठहरने वाले यात्रियों को एक आरामदायक और किफायती विकल्प प्रदान करती है।
यात्रियों की प्रमुख अपेक्षाएं
भोपाल जंक्शन की महत्ता को देखते हुए, यात्री स्टेशन के बुनियादी ढांचे के व्यापक आधुनिकीकरण, साफ-सफाई के उच्च मानकों को बनाए रखने, सुविधाओं के नियमित रखरखाव, यात्री-अनुकूल सुविधाओं में सुधार और शुल्कों को उचित स्तर पर लाने की अपेक्षा रखते हैं। यदि इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपेक्षित सुधार किए जाते हैं, तो भोपाल जंक्शन भी रानी कमलापति स्टेशन की तरह यात्रियों के लिए एक अत्यंत सुविधाजनक और आधुनिक परिवहन केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना सकता है।
