भोपाल: गंदगी फैलाने वाले डेयरी संचालकों पर निगम ने ₹20,500 का जुर्माना लगाया
नगर निगम भोपाल ने दामखेड़ा क्षेत्र में नदी किनारे गंदगी फैला रहे डेयरी संचालकों पर सख्ती दिखाई है। निगम अमले ने कुल 6 मामलों में ₹20,500 का स्पॉट फाइन वसूला है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 22 जुलाई 2026
नगर निगम भोपाल अपने अधिकार क्षेत्र में साफ-सफाई व्यवस्था को बनाए रखने और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। इसी क्रम में, निगम के अमले ने बुधवार को दामखेड़ा क्षेत्र में नदी के किनारे गंदगी फैलाने वाले डेयरी संचालकों और अन्य लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। इस अभियान के तहत कुल 6 प्रकरणों में 20,500 रुपये का स्पॉट फाइन वसूला गया।
निगम आयुक्त श्रीमती संस्कृति जैन के स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। जोन क्रमांक 18 के वार्ड क्रमांक 80 में, नदी के किनारे गंदगी फैलाने के आरोप में दो डेयरी संचालकों पर 5,000-5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह जुर्माना स्पष्ट रूप से गंदगी फैलाने की घटना के संबंध में लगाया गया था, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए हानिकारक है।
इसके अलावा, वार्ड क्रमांक 82 में भी एक डेयरी संचालक से 3,000 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। यह कार्रवाई निगम की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि वह शहर के किसी भी हिस्से में स्वच्छता के मानकों से समझौता नहीं करेगा, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो। डेयरी संचालकों से जुर्माने की राशि वसूलने का मुख्य उद्देश्य उन्हें भविष्य में ऐसी गलतियों को दोहराने से रोकना है।
अन्य इलाकों में भी हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई केवल नदी किनारे तक ही सीमित नहीं रही। निगम के अमले ने शहर के अन्य क्षेत्रों में भी गंदगी फैलाने, सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलीथीन का उपयोग करने, तथा निर्माण और विध्वंस (सी एंड डी) वेस्ट को सड़कों पर फेंकने वालों के खिलाफ अभियान चलाया। इन विभिन्न उल्लंघनों के लिए तीन अन्य प्रकरणों में कुल 7,500 रुपये का स्पॉट फाइन वसूला गया। इन मामलों में, जुर्माना उन व्यक्तियों या संस्थाओं पर लगाया गया, जिन्होंने सार्वजनिक स्थानों को प्रदूषित किया, जिससे न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि जल निकासी प्रणालियों में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है और बीमारियाँ फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
इस प्रकार, निगम ने कुल मिलाकर 6 प्रकरणों में 20,500 रुपये की राशि जुर्माना के तौर पर वसूल की है। यह कार्रवाई निगम की ओर से स्वच्छता बनाए रखने और सार्वजनिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। नगर निगम आयुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की कार्यवाही भविष्य में भी जारी रहेगी ताकि शहर को स्वच्छ और बीमारियों से मुक्त रखा जा सके। नागरिकों से भी अपेक्षा की जाती है कि वे निगम के प्रयासों में सहयोग करें और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाएं।
निगम का स्वास्थ्य विभाग लगातार शहर के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी नागरिक स्वच्छता नियमों का पालन कर रहे हैं। सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलीथीन के उपयोग पर प्रतिबंध के नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है, क्योंकि ये पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। इसके अतिरिक्त, निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट को निर्धारित स्थानों पर ही निपटाने के निर्देश दिए गए हैं, और सड़कों पर इनकी डंपिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इन सभी उल्लंघनों पर नजर रखने के लिए निगम के कर्मचारी सक्रिय रूप से गश्त लगा रहे हैं और उल्लंघन पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई कर रहे हैं।
