भोपाल: दूध में डिटर्जेंट की पुष्टि, नन्हे चाचा डेयरी का लाइसेंस निलंबित
भोपाल में खाद्य सुरक्षा विभाग ने इतवारा रोड स्थित नन्हे चाचा दूध डेयरी के मिक्स दूध में डिटर्जेंट मिलने की पुष्टि की है। विभाग ने डेयरी का लाइसेंस निलंबित कर एफआईआर की तैयारी की है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 9 अगस्त 2026
भोपाल शहर में दूध की शुद्धता को लेकर एक गंभीर चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने खाद्य सुरक्षा विभाग को तत्काल कार्रवाई करने पर मजबूर कर दिया है। इतवारा रोड स्थित 'नन्हे चाचा दूध डेयरी' के मिक्स दूध के नमूने में डिटर्जेंट की मिलावट की पुष्टि हुई है, जिसके बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने डेयरी का खाद्य पंजीयन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग अब इस मामले में एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज करने की तैयारी कर रहा है।
खाद्य विश्लेषक की रिपोर्ट में इस दूध के नमूने को मानव उपभोग के लिए 'असुरक्षित' घोषित किया गया है। यह घटनाक्रम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के प्रति खाद्य सुरक्षा विभाग की सतर्कता को दर्शाता है, लेकिन साथ ही यह शहर में खाद्य पदार्थों में हो रही मिलावट की व्यापक समस्या पर भी प्रकाश डालता है।
डेयरी से रोजाना 200-300 लीटर दूध की बिक्री
खाद्य सुरक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 'नन्हे चाचा दूध डेयरी' प्रतिदिन लगभग 200 से 300 लीटर तक मिक्स दूध बेचती थी। डेयरी संचालक सीहोर जिले के श्यामपुर क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण इलाकों से दूध मंगवाकर उसे मिश्रित करता था और फिर शहर में ग्राहकों को बेचता था। दूध में मिलावट की आशंका के चलते, खाद्य सुरक्षा विभाग की एक टीम ने 27 जुलाई को इस डेयरी से मिक्स दूध का एक नमूना लिया था। इस नमूने को जांच के लिए खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में भेजा गया था, जहां से 4 अगस्त को प्राप्त रिपोर्ट में डिटर्जेंट की मौजूदगी पाई गई।
जांच रिपोर्ट में दूध असुरक्षित घोषित
खाद्य विश्लेषक द्वारा की गई जांच के उपरांत, रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया कि लिया गया दूध का नमूना खाद्य सुरक्षा के मानकों के अनुसार असुरक्षित है। रिपोर्ट सामने आने के तुरंत बाद, खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने डेयरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। निलंबन आदेश में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि दूध और दुग्ध उत्पाद सीधे मानव उपभोग से जुड़े होते हैं, और ऐसे में दूध में डिटर्जेंट जैसी हानिकारक सामग्री का पाया जाना खाद्य सुरक्षा का एक गंभीर उल्लंघन है। विभाग ने यह भी माना कि प्रतिष्ठान से बेचा जा रहा मिक्स दूध उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए कतई सुरक्षित नहीं था और प्रभावी नियंत्रण के अभाव में डेयरी का संचालन जारी रखना सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में नहीं था।
लाइसेंस निलंबन और कारोबार पर रोक
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और इसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार, 'नन्हे चाचा दूध डेयरी' का खाद्य पंजीयन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस निलंबन की अवधि के दौरान, इस प्रतिष्ठान से किसी भी प्रकार के दूध, मिक्स दूध या अन्य किसी भी खाद्य पदार्थ का निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, वितरण और विक्रय पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। विभाग अब डेयरी संचालक के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है, जिसमें एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया भी शामिल है।
दूध आपूर्ति श्रृंखला की गहन जांच की संभावना
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डेयरी संचालक सीहोर के श्यामपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की डेयरियों से बड़ी मात्रा में दूध खरीदता था। इस दूध को मिलाकर शहर में बेचा जाता था। इस खुलासे के बाद, खाद्य सुरक्षा विभाग अब दूध की आपूर्ति से जुड़े स्रोतों और पूरी सप्लाई चेन की भी गहन जांच कर सकता है। यदि जांच में यह पाया जाता है कि अन्य स्थानों पर भी इसी तरह की मिलावट की जा रही है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। यह कदम यह सुनिश्चित करने में मदद करेगा कि मिलावट केवल एक डेयरी तक सीमित न रहे, बल्कि इसके मूल स्रोत का भी पता लगाया जा सके।
घी के 14 क्विंटल के करीब स्टॉक पर भी कार्रवाई
इसी क्रम में, खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट के संदेह में शहर के मंगलवारा-जुमेराती क्षेत्र स्थित एक थोक कारोबारी 'शीतला पूजा भंडार' पर भी छापामार कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान, विभाग ने लगभग 13 क्विंटल 94 किलोग्राम घी जब्त किया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग सात लाख रुपये बताई गई है। यह घटनाक्रम इस बात की ओर इशारा करता है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट का जाल काफी फैला हुआ है और विभाग अपनी निगरानी को विभिन्न उत्पादों तक बढ़ा रहा है।
छापामार कार्रवाई के समय, टीम को अलग-अलग ब्रांड के घी का एक बड़ा स्टॉक मिला। विभाग ने तुरंत इन ब्रांडों के नमूने लेकर उन्हें राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा है। घी की गुणवत्ता और उसमें किसी भी प्रकार की मिलावट की स्थिति की पुष्टि रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान 'अरिहंत घी' के 15 किलोग्राम वाले 33 टीन और 'मक्खनश्री घी' के 60 टीन जब्त किए गए। 'मक्खनश्री घी' के चार नमूने विशेष रूप से जांच के लिए भेजे गए हैं। जब्त किए गए घी के स्टॉक को फिलहाल सुरक्षित रखा गया है।
मिलावट के खिलाफ विभाग की जांच तेज
दूध में डिटर्जेंट की पुष्टि और बड़ी मात्रा में घी जब्त किए जाने जैसी कार्रवाइयों के बाद, खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर में बिकने वाले अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर अपनी निगरानी और तेज कर दी है। विभाग का मुख्य उद्देश्य मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूर्णतः रोक लगाना और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करना है। दूध में डिटर्जेंट मिलने का यह मामला विशेष रूप से गंभीर है क्योंकि यह सीधे तौर पर एक दैनिक उपभोग की वस्तु से जुड़ा हुआ है। आगामी जांच और कानूनी कार्रवाई के अगले चरणों में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि मिलावट किस स्तर पर और कहां की गई थी, तथा इस गंभीर अपराध के लिए कौन-कौन से लोग जिम्मेदार हैं।
