भोपाल: बारिश में महिलाओं का पैदल मार्च, आवासीय क्षेत्रों में अवैध निर्माण का विरोध
भोपाल में शिवाजी नगर रहवासी संघ ने बारिश में कैंडल मार्च निकालकर आवासीय क्षेत्रों में दुकानों की स्थापना का विरोध किया। उन्होंने सुरक्षा और शांति भंग होने की चिंता जताई।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 26 अगस्त 2026
भोपाल के शिवाजी नगर इलाके में आवासीय क्षेत्रों में दुकानों के अवैध निर्माण और स्थापना के खिलाफ महिलाओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बारिश की परवाह किए बिना, महिलाओं ने 'शिवाजी नगर रहवासी संघ' के बैनर तले एक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला, जिसमें उन्होंने प्रशासन से इन व्यावसायिक गतिविधियों को तत्काल रोकने की मांग की।
रहवासियों का कहना है कि रविशंकर शुक्ल मार्केट और 5 नंबर मार्केट के पुनर्विकास के कारण आवासीय इलाकों में दुकानों का खुलना उनकी शांति और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहा है। इस पैदल मार्च का नेतृत्व क्षेत्रीय पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने किया, जिसमें माचना कॉलोनी और 5 नंबर मार्केट के कई निवासी शामिल हुए। मार्च राजीव गांधी स्कूल से शुरू होकर 5 नंबर पुलिस चौकी तक चला।
सुरक्षा पर खतरे की चिंता
मार्च में शामिल कांग्रेस नेता विवेक त्रिपाठी ने चिंता जताई कि अवैध दुकानों के कारण स्कूली बच्चों की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने कहा कि दुकानों के आसपास बढ़ी भीड़ और आवागमन से बच्चों के लिए दुर्घटना का जोखिम बढ़ गया है और उनके मार्ग में बाधा उत्पन्न हो रही है।
युवा समाजसेवी योगेश सराठे ने भी महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि माचना कॉलोनी में दुकानों के खुलने से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगा है, जिससे महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। युवा नेता रवि परमार ने बताया कि व्यावसायिक गतिविधियों से होने वाला शोर, भीड़ और यातायात जाम स्थानीय निवासियों के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर रहा है।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
रहवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सरकारी आवासीय क्षेत्रों से इन दुकानों को तुरंत हटाकर किसी उचित और व्यवस्थित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। उनका कहना है कि इससे न केवल बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि आवासीय क्षेत्रों में शांति और कानून-व्यवस्था भी बनी रहेगी।
शिवाजी नगर रहवासी संघ के सदस्यों ने इस कैंडल मार्च को केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि भोपाल को भूमाफियाओं से बचाने के संकल्प के रूप में दर्शाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन इस मामले में मूक दर्शक बना हुआ है, जबकि भूमाफिया शहर की खूबसूरती को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बड़ा तालाब, छोटा तालाब, कलियासौत डेम, केरवा और चंदनपुरा जैसे क्षेत्र पहले से ही अतिक्रमण से ग्रसित हैं, और अब आवासीय क्षेत्रों को खत्म करने की योजना बनाई जा रही है, जिसे वे सफल नहीं होने देंगे।
समिति ने प्रशासन और नगर निगम से आग्रह किया है कि वे आवासीय क्षेत्रों में हो रहे अवैध निर्माण, अतिक्रमण और भूमि के दुरुपयोग के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के प्रभावी कार्रवाई करें और कॉलोनियों के मूल स्वरूप को संरक्षित करें।
