भोपाल: आवासीय क्षेत्रों में अवैध निर्माण के खिलाफ एकजुट हुए रहवासी, अवमानना याचिका की तैयारी
भोपाल के विभिन्न आवासीय क्षेत्रों के रहवासियों ने अरेरा कॉलोनी में हो रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण के खिलाफ प्रदर्शन को समर्थन दिया है। वे नगर...

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 28 जुलाई 2026
भोपाल के विभिन्न आवासीय क्षेत्रों के रहवासियों ने अरेरा कॉलोनी में आवासीय भूखंडों पर हो रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण और गतिविधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान को अपना समर्थन दिया है। रविवार को अरेरा कॉलोनी में आयोजित एक बैठक में गौतम नगर, रचना नगर, शाहपुरा, त्रिलंगा, गुलमोहर कॉलोनी सहित शहर के कई अन्य आवासीय क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और इस मुहिम में साथ मिलकर लड़ने का निर्णय लिया। रहवासियों का कहना है कि यदि आवासीय कॉलोनियों को अवैध निर्माण और व्यावसायिक अतिक्रमण से नहीं बचाया गया, तो पूरे भोपाल की नियोजित आवासीय व्यवस्था एक गंभीर संकट में पड़ जाएगी।
इस बैठक में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए। रहवासी संगठनों ने आरोप लगाया कि भोपाल नगर निगम की अकर्मण्यता और उदासीनता के कारण आवासीय क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन लगातार बढ़ रहा है। याचिकाकर्ता पूर्णेंदु शुक्ला ने कहा कि अनेक शिकायतों, जनसुनवाइयों और यहां तक कि न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अवैध निर्माणों के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे अवैध निर्माणकर्ताओं के हौसले बुलंद हैं और वे बेखौफ होकर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
अदालती आदेशों की अनदेखी का आरोप
रहवासियों ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपने स्पष्ट आदेश में आवासीय भूमि पर किए गए अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने और उन्हें हटाने का निर्देश दिया है। उन्होंने मेरठ का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां बड़ी संख्या में आवासीय परिसरों में संचालित मॉल और होटलों को तोड़ा गया था। इसके विपरीत, भोपाल में रसूखदार लोगों के दबाव के आगे प्रशासन बेबस नजर आ रहा है और कार्रवाई करने से कतरा रहा है।
रहवासियों का तर्क है कि भोपाल नगर निगम द्वारा केवल दिखावे के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं, ताकि आगामी 4 अगस्त को सर्वोच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई में सरकार जवाब प्रस्तुत कर सके कि कार्रवाई प्रचलन में है। अरेरा व्यावसायिक काम्प्लेक्स संघ के नीरज गुलाटी ने बताया कि नगर निगम की कार्यप्रणाली को देखते हुए उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व के आदेशों का हवाला देकर अवमानना याचिका लगाने की पूरी तैयारी कर ली है।
नागरिकों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प
शाहपुरा आवासीय संघ की अध्यक्ष शुभ्रा श्रीवास्तव ने कहा कि यदि संबंधित अधिकारी न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित नहीं करते हैं, तो यह सीधे तौर पर न्यायालय के आदेशों की अवहेलना का मामला बनता है। रचना नगर रहवासी संघ के अध्यक्ष मयंक नागर ने भी इस बात की पुष्टि की कि न्यायालय के आदेशों का अनुपालन न होने के संबंध में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध माननीय सर्वोच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की जाएगी। रहवासियों का यह भी कहना है कि जब प्रशासन अपने वैधानिक दायित्वों का निर्वहन करने में विफल रहता है, तब न्यायिक हस्तक्षेप ही नागरिकों के अधिकारों की रक्षा का अंतिम माध्यम बन जाता है।
रहवासी संगठनों ने स्पष्ट किया कि उनका यह आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था विशेष के विरुद्ध नहीं है, बल्कि यह भोपाल की आवासीय कॉलोनियों के अस्तित्व, कानून के शासन और नागरिकों के सुरक्षित एवं व्यवस्थित जीवन के अधिकार की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में शहर के विभिन्न आवासीय क्षेत्रों के नागरिक एक संयुक्त मंच बनाकर इस जनअभियान को और व्यापक स्वरूप देंगे। आवश्यकता पड़ने पर वे लोकतांत्रिक एवं कानूनी माध्यमों से अपने संघर्ष को आगे बढ़ाएंगे।
यह एकजुटता भोपाल के नागरिकों के बढ़ते असंतोष को दर्शाती है, जो अपने आवासीय क्षेत्रों को व्यावसायिक अतिक्रमण से बचाने के लिए प्रयासरत हैं। उनकी मांग है कि प्रशासन सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन करे और अवैध निर्माणों पर रोक लगाए, ताकि शहर की नियोजित आवासीय व्यवस्था बनी रहे।
