भोपाल: अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन
भोपाल नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शनिवार, 1 अगस्त 2026 से आवासीय क्षेत्रों में अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ सीलिंग अभियान शुरू किया है। निगम ने पहले ही 1,018 नोटिस जारी कर दिए थे।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 1 अगस्त 2026
भोपाल नगर निगम ने शनिवार, 1 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुपालन में शहर के आवासीय क्षेत्रों में संचालित हो रहे अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सीलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के कारण अनधिकृत रूप से चल रहे व्यवसायों में खलबली मच गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, निगम ने इससे पहले शहर भर में 1,018 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर उनसे या तो व्यावसायिक उपयोग की अनुमति देने वाले वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने या आवासीय परिसरों से अपना व्यवसाय बंद करने को कहा था। इन नोटिसों के बाद, निगम ने अब प्रवर्तन कार्रवाई शुरू की है, जिसमें अवैध प्रतिष्ठानों को सील किया जा रहा है।
अवैध निर्माणों पर कार्रवाई का दायरा
नगर निगम की यह कार्रवाई विशेष रूप से उन आवासीय भूखंडों पर केंद्रित है जहाँ नियमों का उल्लंघन कर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। स्थानीय निवासियों द्वारा लंबे समय से इन अनधिकृत व्यवसायों के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं की शिकायतें की जा रही थीं। कथित तौर पर, यह पूरा तंत्र लंबे समय से नगर निगम के अधिकारियों और भू-माफिया की मिलीभगत से चल रहा था।
सुबह, आम जनता ने बड़ी संख्या में अवैध दुकानों को बंद पाया, जिन पर नगर निगम के आदेश का उल्लेख करने वाले पोस्टर लगे थे। इन पोस्टरों में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि भवन में व्यावसायिक गतिविधियों को बंद कर दिया गया है। यह दृश्य इस बात की पुष्टि करता है कि भू-उपयोग के विपरीत कार्य हो रहा था।
अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप
शिकायतकर्ताओं और इन अवैध दुकानों से पीड़ित निवासियों में कार्रवाई की प्रकृति को लेकर रोष व्याप्त है। आरोप है कि निगम द्वारा दुकानें सील करने के नोटिस जारी किए जाने के बावजूद, की गई कार्रवाई केवल दिखावटी थी। कुछ समय के लिए दुकानें बंद होने के बाद, वे शाम तक फिर से संचालित होने लगीं। यह भी आरोप लगाया गया है कि अवैध दुकान संचालकों को निगम के अधिकारियों द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि यह कार्रवाई केवल 4 अगस्त तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद वे अपनी इच्छानुसार व्यवसाय जारी रख सकेंगे।
इस बीच, व्यापारियों ने निगम की कार्रवाई के चलते स्वैच्छिक अवकाश लिया। निगम द्वारा सभी अवैध दुकानों के बाहर एक ही प्रारूप के पोस्टर लगाए गए थे, जिनकी तस्वीरें निगम को भेजी गई थीं। इन पोस्टरों के माध्यम से निवासियों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि अब यहाँ कोई अवैध दुकान संचालित नहीं की जाएगी, ताकि निवासियों द्वारा किए जा रहे विरोध को दबाया जा सके।
विरोध प्रदर्शन की चेतावनी
निवासियों के संगठनों ने नगर निगम की इस कार्यप्रणाली को दूषित, पक्षपातपूर्ण और भ्रष्ट करार दिया है। वे आरोप लगा रहे हैं कि 4 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार की जा रही कार्रवाई को लेकर झूठे प्रमाण प्रस्तुत कर गुमराह किया जा रहा है, और अपने चहेते भू-माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है। इन आरोपों के चलते, संयुक्त रहवासी समिति भोपाल ने घोषणा की है कि कल भोपाल के विभिन्न स्थानों पर शांतिपूर्ण, गांधीवादी तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
