भिंड: स्कूलों व पंचायत में लापरवाही पर कार्रवाई, वेतन रोकने व निलंबन के निर्देश
भिण्ड जिले में प्रभारी कलेक्टर वीर सिंह चौहान और जिला पंचायत सीईओ ने शासकीय विद्यालयों व ग्राम पंचायत नरसिंहगढ़ का औचक निरीक्षण किया। कम उपस्थिति...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | भिण्ड | 15 अक्टूबर 2026
भिण्ड जिले में शिक्षा और पंचायत प्रशासन में व्याप्त अनियमितताओं के खिलाफ प्रभारी कलेक्टर वीर सिंह चौहान और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने गुरुवार को एक बड़ा कदम उठाया है। दोनों अधिकारियों द्वारा शासकीय विद्यालयों और ग्राम पंचायत नरसिंहगढ़ के औचक निरीक्षण के दौरान गंभीर लापरवाही उजागर हुई, जिसके परिणामस्वरूप कई अधिकारियों और शिक्षकों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान मुरलीपुरा के शासकीय विद्यालय में छात्रों की बेहद कम उपस्थिति अधिकारियों के लिए चिंता का विषय बनी। कुल 296 पंजीकृत छात्रों में से केवल 76 की उपस्थिति पाई गई, जो शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को दर्शाती है। इस पर अधिकारियों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए आगामी सुधारों तक शिक्षकों का वेतन रोकने का आदेश दिया है। इसी तरह, ईंगुरी खोट स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय में 84 में से केवल 10 बच्चों की उपस्थिति ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया।
मध्यान्ह भोजन और पंचायत में पाई गईं गंभीर खामियां
शैक्षणिक संस्थानों के अतिरिक्त, मध्यान्ह भोजन योजना में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जय लोडी माता स्व-सहायता समूह को मीनू का पालन न करने के कारण कार्य से हटा दिया गया है। वहीं, गलत उपस्थिति दर्ज करने के मामले में शाला प्रमुख को नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा, खंड शिक्षा अधिकारी (बीआरसी), खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और संकुल शैक्षिक समन्वयक (सीएसी) से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कार्रवाई केवल व्यक्तिगत स्तर पर नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक कदम है।
ग्राम पंचायत नरसिंहगढ़ का निरीक्षण सर्वाधिक चिंताजनक रहा। पंचायत सचिव लल्लूराम गुर्जर अनुपस्थित पाए गए और पंचायत के किसी भी रिकॉर्ड को प्रस्तुत नहीं किया जा सका। सरकारी योजनाओं में शून्य प्रगति पाए जाने पर सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। नल-जल योजना की गुणवत्ता में भी खामियां मिलने पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जारी रहेगी औचक निरीक्षण की प्रक्रिया
प्रभारी कलेक्टर वीर सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षणों का सिलसिला जारी रहेगा, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। यह कार्रवाई स्थानीय प्रशासन में सुधार और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।
