भिंड सीएमओ का हॉकर जोन का निरीक्षण: गंदगी और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई
भिंड सीएमओ वीरेंद्र चक्रवर्ती ने हॉकर जोन का निरीक्षण किया। उन्होंने गंदगी और अस्थाई अतिक्रमण पर नाराजगी जताते हुए तत्काल हटाने और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

संवाददाता: दीपेन्द्र बोहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 5 सितंबर 2026
भिंड शहर में नगर पालिका प्रशासन द्वारा स्वच्छता और अतिक्रमण के खिलाफ कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में, शनिवार को नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) वीरेंद्र चक्रवर्ती ने अपनी टीम के साथ शहर के विभिन्न हिस्सों, विशेष रूप से हॉकर जोन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान हॉकर जोन में फैली गंदगी और अव्यवस्था को देखकर सीएमओ ने गहरी नाराजगी जताई।
कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा के सख्त रवैये और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के अनुपालन में नगर पालिका प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में है। इसी कड़ी के तहत सीएमओ वीरेंद्र चक्रवर्ती का यह औचक निरीक्षण एक बड़ी कार्रवाई का संकेत है। यह निरीक्षण शहर की साफ-सफाई और सार्वजनिक स्थानों के प्रबंधन को लेकर नगर पालिका की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
हॉकर जोन में गंदगी पर जताई कड़ी नाराज़गी
निरीक्षण के दौरान, सीएमओ चक्रवर्ती ने संबंधित सफाई कर्मचारियों और जमादारों को फटकार लगाते हुए तत्काल प्रभाव से सफाई व्यवस्था को सुचारू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों और हॉकर जोन में स्वच्छता बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कर्मचारियों को प्रतिदिन सुबह और शाम नियमित रूप से सफाई करने तथा कचरा उठाने की समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने का आदेश दिया।
सीएमओ ने इस बात पर विशेष बल दिया कि हॉकर जोन केवल व्यापारियों के लिए ही नहीं, बल्कि आम जनता के लिए भी सुलभ होना चाहिए। गंदगी और अव्यवस्था न केवल शहर की छवि को खराब करती है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरा पैदा करती है। उन्होंने यह भी कहा कि सफाई कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति और उनके द्वारा किए जा रहे कार्य का गहनता से मूल्यांकन किया जाएगा।
अस्थाई अतिक्रमण पर तत्काल हटाने का आदेश
सीएमओ वीरेंद्र चक्रवर्ती ने हॉकर जोन और उसके आसपास के मार्गों पर दुकानदारों द्वारा किए गए अस्थाई अतिक्रमण पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इन सभी अतिक्रमणों को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए, ताकि आम नागरिकों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक स्थानों को सुव्यवस्थित रखना नगर पालिका की प्राथमिकता है।
अतिक्रमण हटाने के इस आदेश का सीधा अर्थ है कि अब फुटपाथों पर या सड़कों के किनारे दुकानों के सामान का फैलाव नहीं देखा जाएगा। यह उन राहगीरों के लिए एक बड़ी राहत होगी जो अक्सर संकरे रास्तों से गुजरने के लिए संघर्ष करते हैं। सीएमओ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि अतिक्रमण दोबारा न हो, अन्यथा इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
सीएमओ ने चेतावनी दी कि भविष्य में निरीक्षण के दौरान यदि सफाई व्यवस्था में लापरवाही पाई जाती है या फिर से अस्थाई अतिक्रमण पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारियों के साथ-साथ अतिक्रमण करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भी वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस औचक निरीक्षण में नगर पालिका का अन्य अमला, स्वच्छता निरीक्षक और संबंधित विभागों के कर्मचारी भी मौजूद रहे, जो व्यवस्थाओं को लेकर सीएमओ के निर्देशों का पालन करेंगे। यह कार्रवाई नागरिकों को एक स्वच्छ और सुगम शहर का अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
