भिंड: सहायक सचिव का 13 घंटे अपहरण, पिस्टल के बल पर कराए हस्ताक्षर
भिंड के लहार क्षेत्र में 5 लाख रुपए के लेन-देन के विवाद में बदमाशों ने सेवा सहकारी संस्था के सहायक सचिव का अपहरण कर 13 घंटे तक बंधक बनाकर पीटा। पिस्टल दिखाकर चेक और स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए। पुलिस ने आधा दर्जन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

द क्लिफ न्यूज़ | 6 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में लहार क्षेत्र के एक सेवा सहकारी संस्था के सहायक सचिव विनोद सिंह राजावत को 5 लाख रुपये के लेन-देन के विवाद में कथित तौर पर अपहरण कर करीब 13 घंटे तक बंधक बनाया गया और बेरहमी से पीटा गया। घटना के दौरान सहायक सचिव को गंभीर चोटें आईं और बेहोश होने के बाद होश आने पर पिस्टल दिखाकर उनसे तीन चेक, पांच कोरे कागज और 200-200 रुपये के दो स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर भी कराए गए। इस संबंध में पुलिस ने आधा दर्जन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, फरियादी विनोद सिंह राजावत, जो मछण्ड सेवा सहकारी संस्था में सहायक सचिव के पद पर कार्यरत हैं, का ग्राम रुरई निवासी अजीत सिंह चौहान से पिछले एक साल से पैसों का लेन-देन चल रहा था। छह-सात दिन पहले अजीत सिंह ने विनोद सिंह को 5 लाख रुपये नकद लौटा दिए थे। मंगलवार सुबह, अजीत सिंह ने बाकी हिसाब बराबर करने और अपने पिता से बात कराने के बहाने विनोद सिंह को लहार बुलाया। विनोद सिंह अपनी कार से लहार के लिए रवाना हुए और रास्ते में बंथरी निवासी अभिनंदन सिंह को भी साथ बैठा लिया।
हिरासत में मारपीट और धमकी
विनोद सिंह के बताए अनुसार, अजीत सिंह के घर पहुंचते ही वहां पहले से मौजूद पवन गुप्ता और वीर प्रताप सिंह उर्फ वीरू ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद सभी विनोद सिंह की कार में बैठकर वहां से निकल गए। पीड़ित के अनुसार, अजीत सिंह ने उसे कार की पिछली सीट पर बैठाया और खुद ड्राइविंग सीट पर आ गया। कार में दो अन्य युवक भी सवार थे। इस दौरान बेसबॉल बैट, प्लास्टिक पाइप, लात-घूंसों और थप्पड़ों से लगातार मारपीट की गई। मारपीट से विनोद सिंह के हाथ, पैर, पीठ, सिर और शरीर के कई अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं। आलमपुर पहुंचने से पहले ही वे बेहोश हो गए।
होश आने पर, आरोपियों ने विनोद सिंह पर पिस्टल तानी और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उनसे तीन खाली चेक, पांच कोरे कागज और 200-200 रुपये के दो स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए गए। आरोपियों ने घटना की जानकारी किसी को भी देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी। पीड़ित के अनुसार, शाम को शैलेष उपाध्याय आलमपुर पहुंचे, जिसके बाद विनोद, शैलेष और अभिनंदन लहार के लिए रवाना हुए। मिहोना पार करते ही अजीत सिंह, वीरू और दो अन्य युवकों ने फिर से मारपीट की। रात करीब 11 बजे उनके माता-पिता मौके पर पहुंचे, जिसके बाद विनोद सिंह आरोपियों के चंगुल से छूट सके।
पुलिस कार्रवाई और मेडिकल जांच
सहायक सचिव विनोद सिंह राजावत की शिकायत के आधार पर, लहार पुलिस ने अजीत चौहान (निवासी रूरई, आलमपुर), वीरप्रताप सिंह चौहान (निवासी चाचीपुरा, थाना लहार), पवन गुप्ता (लहार), अभिनंदन चौहान (निवासी बंथरी, थाना रौन) सहित दो अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस आरोपियों की पहचान की पुष्टि करने और उन्हें गिरफ्तार करने की प्रक्रिया में है।
बुधवार सुबह लहार पुलिस ने विनोद सिंह राजावत का मेडिकल परीक्षण कराया। मेडिकल रिपोर्ट में शरीर के कई हिस्सों पर चोटों के निशान, लाल-नीले घाव और दाहिने हाथ के पंजे में सूजन की पुष्टि हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट, जान से मारने की धमकी देने, और जबरन चेक, कोरे कागज व स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर कराने जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
