भिंड पुलिस ने 'सृजन संवाद' के तहत छात्रों को थाने का कराया भ्रमण
भिंड पुलिस ने 'सृजन संवाद योजना' के तहत शासकीय सांदीपनि विद्यालय के 88 छात्रों को सिटी कोतवाली थाने का भ्रमण कराया। इस दौरान उन्हें पुलिस कार्यप्रणाली, भूमिकाएं और महिला-बाल संरक्षण जैसे मुद्दों पर जानकारी दी गई।

द क्लिफ न्यूज़ | 12 अगस्त 2026
पुलिस और समुदायों के बीच सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय की 'सृजन संवाद योजना' के तहत भिंड जिले में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस योजना के तहत, पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में, सिटी कोतवाली थाने में शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-02 के कक्षा 11वीं और 12वीं के 88 छात्र-छात्राओं को थाने का भ्रमण कराया गया। यह भ्रमण 11 अगस्त 2026 को दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित हुआ।
पुलिस लाइन स्थित वाहन शाखा से एसी बस के माध्यम से छात्रों को दो शिफ्ट में विद्यालय से सिटी कोतवाली थाने लाया गया। इस दौरान विद्यालय के टीओटी (ट्रेन ऑफ ट्रेनर्स) द्वय, दिनेश सिंह भदौरिया और धर्मेंद्र सिंह भदौरिया, व्याख्यातागण भी छात्रों के साथ मौजूद रहे।
पुलिस कार्यप्रणाली और संरचना का परिचय
थाना परिसर में योजना के नोडल अधिकारी अजय पंवार (डीएसपी/अजाक) और पुलिस विभाग के टीओटी उपनिरीक्षक अमित सिकरवार एवं पूजा दोहरे की उपस्थिति में, डीएसपी पंवार ने छात्रों को पुलिस थाने की संरचना और कार्यप्रणाली से विस्तृत रूप से अवगत कराया। उन्होंने थाना प्रभारी के दायित्वों और भूमिकाओं के साथ-साथ पुलिस विभाग में आरक्षक से लेकर पुलिस महानिदेशक तक की रैंक के यूनिफॉर्म बैज, स्टार आदि की जानकारी दी और उनके कार्यों को समझाया।
भ्रमण के दौरान, छात्रों को एफआईआर दर्ज करने, शिकायतें सुनने, पीड़ित फरियादियों के साथ व्यवहार, अपराधों की विवेचना और अनुसंधान की संपूर्ण प्रक्रिया, जैसे कथन बयान लेने की प्रक्रिया के बारे में बताया गया। इसके अलावा, कंप्यूटर कक्ष, सीसीटीवी कैमरे, सीसीटीएन कक्ष, थाने के रिकॉर्ड, रजिस्टर, मुंशी या आरक्षक सहायक के कार्य, थाने का न्याय अधिकार क्षेत्र, बीट विभाजन, थाने की सीमा, बीट प्रभारी और उसकी टीम के कार्य, शहर की गश्त, चैकिंग व्यवस्था, संतरी पहरा, मालखाना, हथियार कक्ष, महिला व पुरुष बंदी हवालात, महिला कक्ष, महिला ऊर्जा डेस्क, और बाल मित्र अधिकारी के कर्तव्यों के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई। छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया और महिलाओं तथा बालकों से व्यवहार के महत्व पर जोर दिया गया।
डायल-112 और पुलिस की तत्परता
भ्रमण के अंतर्गत, छात्र-छात्राओं ने डायल-112 और एफआरवी (फर्स्ट रिस्पांडर व्हीकल) गाड़ियों को भी करीब से देखा। उन्होंने पायलेट्स से उनकी कार्यप्रणाली को समझा, जिसमें इवेंट लेना, सूचना स्थल पर तत्काल रवाना होना, और जरूरत के मुताबिक थाने को सूचना देकर मदद लेना शामिल है।
छात्रों ने विशेष रुचि महिलाओं और बालिकाओं से संबंधित पुलिस की कार्यप्रणाली को समझने में दिखाई। भ्रमण के अंत में, सभी छात्र-छात्राओं को सुरक्षित रूप से उनकी विद्यालय में टीओटी शिक्षकों के साथ वापस पहुंचाया गया। इस दौरान सुरक्षा के लिए प्रधान आरक्षक रामकुमार पाण्डेय और आरक्षक संजय शिवहरे बस वाहन में तथा भ्रमण के दौरान साथ रहे, जबकि सिटी कोतवाली के संबंधित अधिकारी और स्टाफ भी उपस्थित रहे।
