भिंड पुलिस का अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह पर शिकंजा, 50 लाख का डंपर बरामद
भिंड पुलिस ने हरियाणा से 50 लाख रुपये का चोरी का डंपर बरामद कर एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बोहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 12 सितंबर 2026
भिंड पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने हरियाणा के नूंह जिले से लगभग पचास लाख रुपये मूल्य का चोरी का टाटा डंपर बरामद किया है। इस सफल कार्रवाई में पुलिस ने राजस्थान से दस हजार रुपये के इनामी एक शातिर अपराधी को भी गिरफ्तार किया है, जो गिरोह का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है।
घटनाक्रम की शुरुआत 24 अगस्त को हुई, जब भिंड के देहात थाना क्षेत्र से एक टाटा डंपर चोरी हो गया था। अगले दिन, 25 अगस्त को सीतानगर निवासी एक फरियादी ने इस संबंध में डंपर चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के तुरंत बाद, पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक निरंजन सिंह राजपूत के निर्देशन में मामले की गंभीरता को देखते हुए चार विशेष टीमों का गठन किया गया। इन टीमों को चोरों का पता लगाने और वाहन को बरामद करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया था, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि वाहन चोर गिरोह अपनी गतिविधियों को जारी न रख सके।
उन्नीस दिनों तक चला सघन तलाशी अभियान
गठित टीमों ने मिलकर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में लगभग पांच सौ किलोमीटर के दायरे में उन्नीस दिनों तक गहन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान, पुलिस ने आठ सौ से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया जा सके। यह एक अत्यंत कठिन कार्य था, क्योंकि इतने बड़े क्षेत्र में और इतने लंबे समय के सीसीटीवी फुटेज की जांच में काफी मेहनत और तकनीकी कौशल की आवश्यकता होती है। मुखबिरों से प्राप्त सटीक सूचनाओं और जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर, टीमों ने 11 सितंबर को राजस्थान के भिवाड़ी में एक होटल के पास घेराबंदी कर आरोपी हरीराम उर्फ केशराम उर्फ चुटिया उर्फ शेरा मीणा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार किया गया आरोपी दस हजार रुपये का इनामी अपराधी था, जो इस बात का संकेत देता है कि वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बच रहा था और उसकी गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी।
शातिर चोरों का गिरोह, बदल देते थे हुलिया
पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार आरोपी ने गिरोह के कारनामों का बड़ा खुलासा किया। उसने बताया कि वे चोरी की घटनाओं को अंजाम देने के लिए फर्जी नंबर प्लेट लगी कारों का इस्तेमाल करते थे। यह उनकी कार्यप्रणाली का एक अहम हिस्सा था, जो उन्हें पुलिस की नजरों से बचाने में मदद करता था। वे डंपर और हाइवा जैसे भारी वाहनों की पहले रेकी करते थे और फिर मास्टर चाबी का प्रयोग कर गाड़ी को लॉक से खोलकर, उसके जीपीएस सिस्टम को निष्क्रिय कर देते थे। जीपीएस सिस्टम को निष्क्रिय करना यह सुनिश्चित करता था कि वाहन को ट्रैक करना असंभव हो। चोरी की गई गाड़ियों को हरियाणा के नूंह-मेवात क्षेत्र में ले जाकर उनका रंग और हुलिया पूरी तरह से बदल दिया जाता था, ताकि उन्हें ऊंचे दामों पर बेचा जा सके। हुलिया बदलने की यह प्रक्रिया वाहन को पहचानने में और अधिक मुश्किल बना देती थी।
आरोपी का आपराधिक इतिहास और गिरोह की तलाश
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी हरीराम एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और मध्य प्रदेश के विभिन्न थानों में चोरी और नकबजनी से जुड़े बीस से अधिक मामले दर्ज हैं। यह बताता है कि वह केवल एक सामान्य चोर नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित गिरोह का हिस्सा था जिसके तार कई राज्यों में फैले हुए थे। वर्तमान में, पुलिस उससे उसके अन्य साथियों और गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए कड़ी पूछताछ कर रही है। इस पूछताछ का उद्देश्य न केवल इस विशेष मामले को सुलझाना है, बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पूरे गिरोह को सलाखों के पीछे पहुंचाना भी है। यह माना जा रहा है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए भी प्रयास तेज कर दिए गए हैं, और पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
सफल ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी देहात निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत, उप निरीक्षक विजय शिवहरे, वैभव तोमर, अतुल भदौरिया, साइबर सेल प्रभारी सत्यवीर सिंह सहित पुलिस टीम के कई सदस्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। इन अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी सूझबूझ, मेहनत और समर्पण से इस ऑपरेशन को सफल बनाया। स्थानीय समाजसेवी फारुख खान ने भी इस ऑपरेशन में सहयोग प्रदान किया, जो जमीनी स्तर पर जानकारी जुटाने और स्थानीय लोगों से संपर्क स्थापित करने में सहायक सिद्ध हुआ। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद किए गए टाटा डंपर की अनुमानित कीमत लगभग पचास लाख रुपये है, जो इस गिरोह की कार्यप्रणाली के पैमाने को दर्शाता है। डंपर को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर लिया गया है और मामले की विवेचना जारी है। यह कार्रवाई प्रदेश के पुलिस महकमे की अंतरराज्यीय गिरोहों के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, और यह अन्य अपराधियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि वे कानून से बच नहीं सकते।
