भिण्ड: पंचायत निरीक्षण में सचिव निलंबित, विकास कार्यों में गुणवत्ता पर जोर
भिण्ड जिले की ग्राम पंचायत दीनपुरा का मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने आकस्मिक निरीक्षण किया। पंचायत भवन बंद और अधिकारी अनुपस्थित मिलने पर सचिव को निलंबित...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | भिण्ड | 22 अक्टूबर 2026
भिण्ड जिले में पंचायत कार्यों की समीक्षा के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत वीरसिंह चौहान ने बुधवार, 22 अक्टूबर को जनपद पंचायत भिंड की ग्राम पंचायत दीनपुरा का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पंचायत भवन बंद मिला और सरपंच, सचिव तथा ग्राम रोजगार सहायक सहित अन्य महत्वपूर्ण पदाधिकारी मौके पर अनुपस्थित पाए गए। इस लापरवाही के चलते पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है।
यह औचक निरीक्षण ग्राम पंचायत के प्रशासनिक कार्यों, सार्वजनिक स्वच्छता की स्थिति और विभिन्न विकास परियोजनाओं की जमीनी गुणवत्ता को परखने के उद्देश्य से किया गया था। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि शांति धाम तक जाने वाली पुरानी सीसी सड़क क्षतिग्रस्त अवस्था में है। सीईओ चौहान ने इस मामले की तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, शांति धाम परिसर में सफाई और फेंसिंग का भी अभाव पाया गया, जिसे तत्काल सुधारा जाए।
विकास कार्यों में गुणवत्ता की जांच
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित उपयंत्री को नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिया है कि जब तक पुराने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता संबंधी जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी नए निर्माण कार्य को शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में होने वाले निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता वाले हों और लंबे समय तक चलें।
राजस्व वसूली और अवैध निर्माण पर कार्रवाई
ग्राम भ्रमण के दौरान, नालियों में गंदगी और अपर्याप्त सफाई व्यवस्था जैसी समस्याएं भी उजागर हुईं। सीईओ ने इन पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने संपत्ति कर सहित अन्य सभी लंबित करों की वसूली तत्काल प्रभाव से शुरू करने का आदेश दिया है। अवैध कॉलोनियों के निर्माण और बिना अनुमति के बने मकानों के संबंध में संबंधित अधिकारियों से लाइसेंस व विकास अनुमति के दस्तावेज मांगे गए हैं। यदि निर्धारित समय-सीमा में दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं, तो सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
वीरसिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि इस निरीक्षण का प्राथमिक उद्देश्य किसी भी कर्मचारी को दंडित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीणों को बेहतर सड़क, स्वच्छ वातावरण और एक पारदर्शी राजस्व व्यवस्था प्राप्त हो। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के महत्व पर बल दिया, ताकि जनसुविधाओं का लाभ आम नागरिकों तक पूरी प्रतिबद्धता के साथ पहुंचाया जा सके।
