भिंड: नशे के लिए दुरुपयोग की आशंका पर कफ सीरप की बिक्री की जांच
औषधि निरीक्षक ने भिंड जिले के मेहगांव क्षेत्र में मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। कोडीन युक्त कफ सीरप के नशे के रूप में दुरुपयोग की संभावना पर यह कार्रवाई की गई।

द क्लिफ न्यूज़ | 13 अगस्त 2026
नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाले कोडीन घटक युक्त कफ सीरप के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए भिंड जिले के मेहगांव तहसील में औषधि निरीक्षकों द्वारा मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया गया। यह कार्रवाई खाद्य एवं औषधि प्रशासन भोपाल, कलेक्टर भिंड किरोड़ीलाल मीणा और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. जेएस यादव के निर्देशों के अनुपालन में की गई।
औषधि निरीक्षक डॉ. आकांक्षा गरुड़ ने गुरुवार को तहसील के विभिन्न मेडिकल दुकानों पर छापामार कार्रवाई की। इस दौरान मुकेश मेडिकल स्टोर, महाकाल मेडिकल स्टोर, राठौर मेडिकल स्टोर, प्रेम मेडिकल स्टोर, जादौन मेडिकल स्टोर और रवि मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया गया।
दुकानें बंद कर भागे संचालक, प्रस्तावित कार्रवाई
निरीक्षण की भनक लगते ही कई मेडिकल स्टोरों के संचालक अपनी दुकानें बंद कर मौके से फरार हो गए। चौधरी मेडिकल स्टोर, अनिल मेडिकल स्टोर, पवन मेडिकल स्टोर और बजरंग मेडिकल स्टोर के संचालकों के अनुपस्थित पाए जाने पर उनके खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे गए
निरीक्षण के दौरान, दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए चार औषधियों के सैंपल एकत्र किए गए। इन सैंपलों को आगे की जांच और परीक्षण के लिए भोपाल स्थित औषधि प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इस जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में बिकने वाली दवाएं मानकों के अनुरूप हों और किसी भी प्रकार से जन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक न हों।
अनियमितताओं पर दिए गए दिशा-निर्देश, होगी सख्त कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान, औषधि निरीक्षक डॉ. गरुड़ ने विभिन्न मेडिकल स्टोर संचालकों को नियमों के अनुपालन के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। इनमें उचित स्थान पर लाइसेंस का प्रदर्शन, दुकानों पर योग्य फार्मासिस्ट की उपलब्धता, दुकानों की साफ-सफाई, एक्सपायरी दवाओं के लिए उचित व्यवस्था, स्टॉक रजिस्टर का संधारण, पशुओं के लिए उपयोगी दवाओं को अलग रखने की व्यवस्था, फ्रिज में संधारित की जाने वाली औषधियों का सही रखरखाव, बिना पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे के शेड्यूल दवाओं का विक्रय न करना, और औषधियों के क्रय-विक्रय अभिलेख का नियमानुसार संधारण शामिल है।
डॉ. गरुड़ ने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों पर नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकना और आम जनता को गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना है।
