भिंड: मिलावटी दूध और रसायन जब्त, डेयरी का लाइसेंस निलंबित
भिंड में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, आई.टी.आई रोड़ स्थित राघवेन्द्र डेयरी से 6000 लीटर दूध, हानिकारक रसायन और घी जब्त किया गया। खाद्य लाइसेंस तत्काल...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 17 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में प्रशासन ने आई.टी.आई रोड़ पर स्थित राघवेन्द्र डेयरी पर एक औचक छापामार कार्रवाई की है। इस अभियान के दौरान, डेयरी परिसर से बड़ी मात्रा में मिलावटी दूध, हानिकारक रसायन और खाद्य सामग्री जब्त की गई है। इस गंभीर मामले को देखते हुए, प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से डेयरी का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया है।
कलेक्टर पवन कुमार जैन के निर्देशानुसार, अपर कलेक्टर राजन बी नाडिया के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल ने यह कार्रवाई की। इस दल में एसडीएम महेन्द्र सौजन्या, तहसीलदार अरविन्द शर्मा और खाद्य सुरक्षा अधिकारी रेखा सोनी शामिल थे। पुलिस बल की मौजूदगी में की गई इस छापामार कार्रवाई में डेयरी से लगभग 6000 लीटर दूध के अलावा सोर्विटोल, कास्टिक सोडा और हाइड्रोजन परऑक्साइड जैसे हानिकारक पदार्थ बरामद हुए।
हानिकारक रसायनों की बरामदगी और जांच
जब डेयरी के प्रभारी संजीव कुमार से इन खतरनाक रसायनों के बारे में पूछताछ की गई, तो वह कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके। डेयरी के प्रोपराईटर, राघवेन्द्र सिंह तोमर, की अनुपस्थिति में, टीम ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत दूध और घी के नमूने एकत्र किए। इस कार्रवाई के दौरान, 83 लीटर अमृत ब्रांड घी, 119 किलोग्राम खुला घी, 700 किलोग्राम सोर्विटोल और 20 किलोग्राम कास्टिक सोडा जब्त किया गया। जब्त की गई सामग्री का अनुमानित मूल्य लगभग 1.70 लाख रुपये आंका गया है।
डेयरी का लाइसेंस निलंबित, मिलावटखोरों में हड़कंप
मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए, अभिहित अधिकारी डॉ. जे.एस. यादव ने तत्काल प्रभाव से राघवेन्द्र डेयरी का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया है। प्रशासन की इस कड़ी कार्रवाई ने शहर में मिलावटखोरी करने वाले अन्य कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की औचक जांचें जारी रहेंगी।
जांच दल द्वारा जब्त किए गए नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने जोर देकर कहा है कि जनस्वास्थ्य के साथ समझौता करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा।
