भिंड में युवाओं को नई न्याय संहिता व सुरक्षा पर किया जागरूक
भिंड के शासकीय कॉलेज में 'जन सुरक्षा - युवा सृजन संवाद' कार्यशाला संपन्न हुई, जिसमें युवाओं को नई भारतीय न्याय संहिता, महिला सुरक्षा और मानसिक...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 24 अक्टूबर 2026
भिंड के शासकीय एम.जे.एस. स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 'जन सुरक्षा - युवा सृजन संवाद' नामक दो दिवसीय कार्यशाला का समापन आज हुआ। मध्यप्रदेश पुलिस और उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को जिम्मेदारीपूर्ण नागरिकता के लिए प्रोत्साहित करना था। कार्यशाला के दूसरे दिन लगभग 150 छात्र-छात्राओं ने सेमिनार हॉल में सहभागिता की।
इस अवसर पर, पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) अजय कुमार सिंह पंवार ने विद्यार्थियों को नवीन भारतीय न्याय संहिता में हुए बदलावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के युग में हो रहे तकनीकी परिवर्तनों और उनसे जुड़े सुरक्षा पहलुओं पर भी प्रकाश डाला। उप निरीक्षक पूजा दौहरे ने लैंगिक समानता, महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित कानूनी प्रावधानों की बारीकियों को साझा किया। उन्होंने जुविनाइल जस्टिस एक्ट और पॉक्सो एक्ट जैसे महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी देते हुए छात्र-छात्राओं को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सचेत रहने का आह्वान किया।
कानूनी अधिकार और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष सत्र
महाविद्यालय के मास्टर ट्रेनर प्रो. डॉ. रविकांत सिंह, डॉ. सुधा नरवरिया और डॉ. श्याम जी निगम ने प्रतिभागियों को महिला हेल्प डेस्क और बाल अधिकार संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। इन विशेषज्ञों ने युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए खेल, संगीत, योग और संतुलित पोषण जैसी गतिविधियों के माध्यम से मानसिक तनाव, अवसाद और नशा मुक्ति के उपायों के बारे में बताया। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक जीवनशैली अपनाने और आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदमों से बचने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला का कुशल संचालन डॉ. मोहित दुबे ने किया, जबकि प्रो. डॉ. रविकांत सिंह ने आभार प्रदर्शन किया। इस कार्यशाला ने भिंड के युवाओं में कानूनी साक्षरता को बढ़ावा देने और आत्म-सुरक्षा के प्रति एक नई जागरूकता पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
