भिंड में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार: कलेक्टर ने दिए कड़े निर्देश
भिंड कलेक्टर पवन कुमार जैन ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक में लंबित शिकायतों के शीघ्र निपटारे और प्रसव केंद्रों पर सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 22 अक्टूबर 2026
भिंड कलेक्ट्रेट सभागार में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में कलेक्टर पवन कुमार जैन ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। इस बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जेएस यादव, सिविल सर्जन डॉ. आरके मिश्रा, जिले के समस्त खण्ड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) और ब्लॉक स्तर के अन्य स्वास्थ्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य एजेंडा विभागीय कार्यप्रणाली का मूल्यांकन करना और जनहित में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाना था। कलेक्टर ने विशेष रूप से सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज लंबी शिकायतों के त्वरित और संतोषजनक निराकरण पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि वर्तमान में सर्वाधिक लंबित एक सौ इकसठ शिकायतों को आगामी पंद्रह दिनों की समय-सीमा के भीतर हर हाल में बंद कराया जाए। कलेक्टर ने इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित अवधि में कार्य पूरा नहीं हुआ तो उनकी आगामी वेतन वृद्धि रोकी जा सकती है।
प्रसव केंद्रों पर सुविधाओं की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सुधार की दिशा में आगे बढ़ते हुए, कलेक्टर ने जिले के सभी डिलेवरी पॉइंट (प्रसव केंद्रों) की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि प्रत्येक प्रसव केंद्र पर प्रसव के लिए आवश्यक सभी सामग्री हर समय शत-प्रतिशत उपलब्ध रहनी चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल सहायता मिल सके। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि मरीजों को केवल तभी रेफर किया जाए जब यह अत्यंत आवश्यक हो, ताकि अनावश्यक रेफरल को कम किया जा सके और स्थानीय स्वास्थ्य संस्थानों पर ही उपचार को बढ़ावा मिले।
गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए, कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं के एएनसी (एंटीनेटल केयर) रजिस्ट्रेशन प्रतिशत को बढ़ाने के लिए भी खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को अधिक सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए। यह सुनिश्चित करेगा कि अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य जांच और देखभाल मिले।
विभागीय समन्वय में सुधार के लिए नई व्यवस्था
स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से, कलेक्टर ने खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को एक नई व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया। इसके तहत, उन्हें महीने में एक दिन महिला एवं बाल विकास विभाग के बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) के साथ बैठक करनी होगी। इन बैठकों की अध्यक्षता संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट (एसडीएम) करेंगे। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य एएनएम (ऑक्जिलरी नर्स मिडवाइफ), आशा (मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता) और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना तथा जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को सुदृढ़ बनाना है।
बैठक के अंत में, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जेएस यादव ने जिले की स्वास्थ्य संस्थाओं और मैदानी स्वास्थ्य अमले द्वारा किए जा रहे कार्यों का एक विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति और चुनौतियों का उल्लेख था।
