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भिंड में स्वतंत्रता दिवस पर निकली तिरंगा यात्रा, माताजी ने किया राष्ट्रप्रेम का आह्वान

आर्यिका विजिज्ञासा श्री माताजी के सानिध्य में निकली तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। माताजी ने राष्ट्रवाद और पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव पर चिंता व्यक्त की।

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भिंड में स्वतंत्रता दिवस पर निकली तिरंगा यात्रा, माताजी ने किया राष्ट्रप्रेम का आह्वान

द क्लिफ न्यूज़ | 16 अगस्त 2026

भिंड में 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें आर्यिका विजिज्ञासा श्री माताजी ने ससंघ सानिध्य प्रदान किया। चैत्यालय जैन मंदिर से बैंड-बाजों के साथ शुरू हुई यह यात्रा बतासा बाजार, सदर बाजार, परेड चौराहा, बंगला बाजार और सब्जी मंडी होते हुए जैन महाविद्यालय पहुंची। वहां श्री भदावर प्रांतिक दिगंबर जैन सभा, जैन स्कूल और जैन महाविद्यालय के पदाधिकारियों ने माताजी का स्वागत करते हुए पाद प्रक्षालन किया।

इस अवसर पर आर्यिका श्री 105 विजिज्ञासा श्री माताजी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि 15 अगस्त का दिन भारत की स्वतंत्रता का पर्व है, जिसे मनाते हुए 80 वर्ष होने जा रहे हैं। उन्होंने भारत को 'भारत माता' के रूप में संबोधित करते हुए इसकी विशिष्टता पर जोर दिया, क्योंकि दुनिया में किसी अन्य देश को मां के नाम से नहीं जाना जाता। उन्होंने भारत की ममतामयी प्रकृति और सभी देशों को शरण देने की क्षमता का उल्लेख किया। माताजी ने भारत के गौरवशाली इतिहास का स्मरण कराते हुए श्रीराम, सीता और श्रवण जैसे महान व्यक्तित्वों का जिक्र किया। उन्होंने यह भी बताया कि भारत का नाम जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ के पुत्र भरत के नाम पर पड़ा है।

पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव पर चिंता

माताजी ने राष्ट्र के प्रति प्रेम और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच के अंतर पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हम तन से आजाद तो हो गए हैं, लेकिन मन से अभी पूरी तरह आजाद नहीं हुए हैं। उन्होंने पश्चिमी जीवनशैली, खान-पान और वेशभूषा के बढ़ते चलन पर चिंता व्यक्त की। शिक्षा व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि आज बच्चे 'अ' से 'ज्ञ' तक का ज्ञान प्राप्त करने के बजाय 'ABCD' पढ़ना चाहते हैं। माताजी के अनुसार, जहां पहले शिक्षा 'अज्ञानी' से 'ज्ञानी' बनाती थी, वहीं अब 'एप्पल' से 'जेब्रा' तक की शिक्षा दी जा रही है। उन्होंने प्रतिभाशाली बच्चों को विदेश भेजने की प्रवृत्ति को देश के लिए हानिकारक बताया, क्योंकि इससे देश का घात हो रहा है।

कार्यक्रम का संचालन और सांस्कृतिक प्रस्तुति

तिरंगा यात्रा और सभा के दौरान श्री भदावर प्रांतिक दिगंबर जैन सभा के अध्यक्ष मुकेश जैन, डी फार्मा के अध्यक्ष दिनेश जैन, वकील, जैन स्कूल के अध्यक्ष मनोज जैन, पार्षद आनंद, बेकरी वाले अशोक महामाया आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन शेलु जैन और बॉबी जैन ने किया। इस अवसर पर उमेश जैन, ऋषि जैन, अमित जैन, संजीव जैन, बल्लू, आभा जैन, पंकज जैन, सुनील जैन, कमलेश जैन, तातरी, जय कुमार जैन, टीटू जैन, प्रवीण जैन, राकेश जैन, अतुल श्रीवास्तव, आशीष जैन और सोनल जैन सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के शुभारंभ में जैन स्कूल के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुति दी। मंगलाचरण बाल ब्रह्मचारिणी राधिका दीदी द्वारा किया गया, जबकि शास्त्र भेंट स्कूल व कॉलेज के प्राचार्यों द्वारा संपन्न हुई।