भिंड में स्कूली छात्रों को कानून और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया
भिंड में 'सृजन संवाद योजना' के तहत छात्रों को नागरिक कर्तव्य, साइबर सुरक्षा और कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। योजना का उद्देश्य युवाओं में विधिक जागरूकता और न्याय तक पहुंच को बढ़ाना है।

द क्लिफ न्यूज़ | भिंड | 31 अगस्त 2026
भिंड जिले में पुलिस मुख्यालय भोपाल की सामुदायिक पुलिसिंग शाखा के तत्वावधान में संचालित 'सृजन संवाद योजना' के तहत सोमवार को सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-02 में स्कूली छात्रों के साथ एक महत्वपूर्ण सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कक्षा 11वीं और 12वीं के 85 छात्र-छात्राओं ने पुलिस अधिकारियों और योजना के मास्टर ट्रेनर्स के साथ नागरिक कर्तव्यों, कानून और पुलिस प्रक्रियाओं पर रचनात्मक संवाद किया। यह सत्र योजना के चौथे और अंतिम चरण का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य युवाओं में विधिक जागरूकता और सुरक्षा बोध को मजबूत करना है।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनके नागरिक अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति सचेत करना, साथ ही उन्हें न्याय प्रणाली की कार्यप्रणाली से अवगत कराना था। योजना के नोडल अधिकारी, डीएसपी (अजाक) अजय पंवार, ने छात्रों को भारतीय संविधान, नागरिक कर्तव्य और उनके अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने अपराध नियंत्रण, एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की प्रक्रिया, जांच (विवेचना) और अदालत में चलने वाली विचाराधीन (ट्रायल) कार्यवाही को सरल भाषा में समझाया। इसके अलावा, उन्होंने पीड़ितों के संरक्षण और अपराधियों को सजा दिलाने की कानूनी व्यवस्था पर भी प्रकाश डाला।
कानूनी जागरूकता और सामाजिक कुरीतियों पर चर्चा
डीएसपी अजय पंवार ने छात्रों से सामाजिक कुरीतियों, नशा मुक्ति के महत्व, बाल संरक्षण गृहों की भूमिका और किशोर न्याय (जुवेनाइल जस्टिस) अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों पर भी रचनात्मक चर्चा की। इस चर्चा का लक्ष्य छात्रों को इन मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनाना और उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करना था।
यह 'सृजन संवाद योजना' मध्य प्रदेश पुलिस और स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में, यूएनएफपीए (UNFPA) के तकनीकी सहयोग से चलाई जा रही है। योजना के विद्यालय-स्तरीय मास्टर ट्रेनर (टीओटी) और व्याख्याता दिनेश सिंह भदौरिया ने बताया कि इस योजना का प्रमुख ध्येय युवाओं में विधिक जागरूकता, उत्तरदायी नागरिकता, सुरक्षा की भावना और न्याय प्रणाली तक पहुंच की समझ विकसित करना है। यह एक समग्र दृष्टिकोण है जो युवाओं को समाज का एक जिम्मेदार अंग बनने में मदद करता है।
साइबर अपराध और सोशल मीडिया के खतरों से बचाव
कार्यक्रम में पुलिस विभाग के एक अन्य मास्टर ट्रेनर, उप निरीक्षक अमित सिंह सिकरवार, ने इंटरनेट और सोशल मीडिया के उपयोग में सावधानी बरतने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने छात्रों को अज्ञात व्यक्तियों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने, इंस्टाग्राम रील्स बनाने, निजी जानकारी साझा करने या ऑनलाइन चैटिंग से होने वाले संभावित खतरों और दुष्परिणामों के बारे में उदाहरणों सहित समझाया। उप निरीक्षक सिकरवार ने छात्रों को सलाह दी कि किसी भी प्रकार की ब्लैकमेलिंग या साइबर अपराध की स्थिति में घबराए बिना सबसे पहले अपने माता-पिता को सूचित करें और तत्काल पुलिस सहायता लें। उन्होंने महिला सुरक्षा शाखा द्वारा संचालित 'मैं अभिमन्यु हूँ' अभियान के बारे में भी जानकारी प्रदान की, जो विशेष रूप से बाल सुरक्षा पर केंद्रित है।
योजना का प्रथम चरण पूर्ण, थाना भ्रमण की तैयारी
भिंड जिले में 'सृजन संवाद योजना' के प्रथम चरण के तहत, चयनित शासकीय सांदीपनि विद्यालय के कक्षा 11वीं और 12वीं के लगभग 600 विद्यार्थियों में से 75% को सफलतापूर्वक शामिल किया गया है। इस चरण में प्रत्येक सप्ताह संवाद सत्रों और थाना भ्रमण का आयोजन किया गया। इस कड़ी में, मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को दोपहर 3:00 बजे, छात्रों का एक अंतिम समूह पुलिस के विशेष वाहनों से थाना भ्रमण के लिए रवाना होगा, जहाँ वे पुलिसिंग के व्यावहारिक पहलुओं को करीब से जान सकेंगे।
योजना के आगामी चरण और जिले में क्रियान्वयन
जिले में यह बहुआयामी योजना दो मुख्य चरणों में क्रियान्वित की जा रही है। प्रथम चरण 5 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक जिला मुख्यालय के चयनित स्कूलों में संपन्न होगा। इसके बाद, 15 सितंबर से 30 अक्टूबर 2026 तक, योजना का द्वितीय चरण तहसील और अनुभाग स्तर पर लागू किया जाएगा, ताकि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के छात्रों को भी इसका लाभ मिल सके।
कार्यक्रम के अंत में, विद्यालय के टीओटी व्याख्याता धर्मेंद्र सिंह भदौरिया ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों और अतिथियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासित रहने और 'सृजन संवाद योजना' के उद्देश्यों को अपने जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे भविष्य में जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बन सकें।
