भिंड में "रन फॉर समृद्धि" : हजारों युवाओं ने भरी दौड़, जागरूकता का संदेश
भिंड में "रन फॉर समृद्धि" का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों युवाओं ने हिस्सा लेकर राष्ट्रसेवा और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। पूर्व एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने चंबल की वीर भूमि का उल्लेख किया।

द क्लिफ न्यूज़ | 2 अगस्त 2026
रविवार की सुबह भिंड शहर की सड़कों पर देशभक्ति, सामाजिक सरोकार और युवा शक्ति का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जब हजारों युवाओं ने 'विकसित, समृद्ध और प्रगतिशील भिंड' के संकल्प के साथ 'रन फॉर समृद्धि' में उत्साहपूर्वक भाग लिया। लगभग पांच किलोमीटर लंबी इस दौड़ के माध्यम से युवाओं ने जनभागीदारी, राष्ट्रसेवा और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।
इस आयोजन के मुख्य अतिथि भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने चंबल की धरती को वीरों और देशभक्तों की भूमि बताते हुए कहा कि यहां प्रतिभा और जुनून की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल युवाओं को सही दिशा और अवसर प्रदान करने की है। उन्होंने बताया कि सैन्य जीवन में 4250 घंटे से अधिक लड़ाकू विमान उड़ाने और 30 प्रकार के विमानों पर प्रशिक्षण देने के अपने अनुभव का लाभ अब वे चंबल के युवाओं को देना चाहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि चंबल क्षेत्र में एक सैन्य प्रशिक्षण अकादमी स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है, जहां सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी युवाओं को प्रशिक्षण देंगे। यह अकादमी न केवल हथियार चलाना सिखाएगी, बल्कि नेतृत्व, अनुशासन, तकनीक और राष्ट्रसेवा की भावना भी विकसित करेगी।
स्वास्थ्य और सेवा का संदेश
एम्स नई दिल्ली के प्रोफेसर और सर्जन डॉ. अमित गुप्ता ने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने भिंड और चंबल क्षेत्र की किसी भी जरूरत में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया और क्षेत्र के युवाओं के अनुशासन व ऊर्जा की सराहना की। वहीं, कोविड वैक्सीन के जनक एम्स के प्रोफेसर डॉ. संजय राय ने समाज को आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक सोच और सेवा भावना की आवश्यकता बताई। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान स्वदेशी वैक्सीन विकसित करने के अपने अनुभव साझा करते हुए वैज्ञानिकों और चिकित्सकों द्वारा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश को आत्मनिर्भर बनाने में निभाई गई अहम भूमिका का उल्लेख किया।
दिव्यांगता पर विजय का प्रेरणास्रोत
पद्मश्री से सम्मानित दिव्यांग सत्येन्द्र लोहिया ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांगता सफलता की राह में कभी बाधा नहीं बन सकती। उन्होंने आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और मजबूत संकल्प के बल पर हर चुनौती को पार करने की बात कही और युवाओं को अपने सामर्थ्य पर विश्वास रखते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उत्तर प्रदेश के निदेशक अशोक बाजपेयी ने युवाओं के उत्साह की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि आने वाले समय में भिंड की दिशा और दशा निश्चित रूप से बदलेगी।
समारोह का समापन और सम्मान
कार्यक्रम के समापन पर 'रन फॉर समृद्धि' में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। साथ ही, शहर के वरिष्ठ नागरिकों, समाजसेवियों और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस आयोजन ने भिंड के युवाओं में राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सुधार के प्रति एक नई ऊर्जा का संचार किया है।
