भिंड में पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल: पंप उद्घाटन संग हुआ वृक्षारोपण
भिंड के भारौली खुर्द में गौरव एंड संस पंप के उद्घाटन के साथ वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ संतों ने स्वयं पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

द क्लिफ न्यूज़ | 31 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश के भिंड जिले के भारौली खुर्द गाँव में एक पर्यावरण-अनुकूल पहल की गई, जहाँ एक नए पंप के उद्घाटन समारोह को वृक्षारोपण कार्यक्रम के साथ जोड़ा गया। गौरव एंड संस पंप के इस अनूठे शुभारंभ को क्षेत्र में पहली बार किसी व्यावसायिक उद्घाटन को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए देखा गया।
इस अवसर पर, संत कमलदास महाराज, टिकरी सरकार और शिवमोहन दास महाराज ने गौरव एंड संस पंप का विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह के तुरंत बाद, संत-महात्माओं ने स्वयं फावड़े चलाकर वृक्षारोपण किया, जिससे उपस्थित लोगों को प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा करने का महत्वपूर्ण संदेश मिला। संतों ने इस बात पर जोर दिया कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण का संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि एक छोटा सा पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, छाया और एक बेहतर भविष्य का आधार बनता है।
विकास और प्रकृति का संगम
इस पहल की स्थानीय समुदाय द्वारा व्यापक रूप से सराहना की गई। उपस्थित लोगों ने कहा कि पंप के शुभारंभ के साथ वृक्षारोपण की शुरुआत एक सकारात्मक और अनुकरणीय कदम है। इस तरह के आयोजनों से समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और लोग अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित होंगे। यह कदम दर्शाता है कि कैसे व्यावसायिक उद्घाटन समारोहों को सामाजिक और पर्यावरणीय उत्तरदायित्वों के साथ एकीकृत किया जा सकता है।
गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें पूर्व सांसद डॉ. रामलखन सिंह, पूर्व विधायक संजीव सिंह और उनकी पत्नी शैलेश, गौरव सिंह कुशवाह, भारौली थाना प्रभारी मनोज रावत, और अमायन थाना प्रभारी गिरीश शर्मा शामिल थे। इनके अलावा, क्षेत्र के अन्य गणमान्य नागरिक और स्थानीय निवासी भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान संतों और अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। उपस्थित लोगों ने गौरव एंड संस पंप के सफल संचालन और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं। साथ ही, सभी ने केवल वृक्षारोपण कार्यक्रम तक सीमित न रहकर, लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लिया, ताकि यह पर्यावरण पहल एक स्थायी प्रभाव छोड़ सके।
