भिंड में मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई, काली फिल्म लगी थार जब्त, बुलेट पर भारी जुर्माना
भिंड में न्यायिक मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में मोबाइल कोर्ट ने वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान काली फिल्म लगी थार गाड़ी जब्त की गई और...

द क्लिफ न्यूज़ | 28 जुलाई 2026
उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर के निर्देशों के क्रम में, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी भिंड डॉ. मनोज गोयल के नेतृत्व में देहात थाने के सामने एक विशेष वाहन चेकिंग अभियान आयोजित कर मोबाइल कोर्ट का संचालन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई करना था।
चेकिंग अभियान के दौरान, चार पहिया वाहनों में लगी काली फिल्म, अनाधिकृत हूटरों का प्रयोग, सीट बेल्ट न बांधना, दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट का प्रयोग न करना और स्कूल बसों के सुरक्षा मानकों की सघन जांच की गई। इस दौरान, एक थार कार (क्रमांक एम.पी.07 ए.के.7765) को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वाहन चालक भागने लगा। देहात थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर वाहन को जब्त कर लिया। वाहन से अवैध रूप से लगी काली फिल्म को मौके पर ही हटाकर जब्त कर लिया गया और वाहन को सुरक्षा के लिए थाना देहात भिंड में रखा गया है।
ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाली बुलेट पर कड़ा रुख
अभियान में एक बुलेट मोटरसाइकिल को भी जब्त किया गया, जिसके संशोधित साइलेंसर से पटाखों जैसी तेज आवाज निकल रही थी। यह ध्वनि प्रदूषण के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन था। इसके अतिरिक्त, एक अन्य बुलेट मोटरसाइकिल के विरुद्ध भी मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
मंगलवार को मोबाइल कोर्ट में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी भिंड डॉ. मनोज गोयल ने गत दिवस जब्त किए गए वाहनों के प्रकरणों में सुनवाई की। सुनवाई के उपरांत, संशोधित साइलेंसर लगी बुलेट मोटरसाइकिल पर 12,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया और वसूल किया गया। दूसरी बुलेट मोटरसाइकिल पर 5,000 रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया। थार वाहन के विरुद्ध भी नियमानुसार चालानी कार्रवाई न्यायालय में की जाएगी।
इस सघन चेकिंग अभियान के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी भिंड डॉ. मनोज गोयल, थाना प्रभारी निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत, उपनिरीक्षक विजय शिवहरे, अजय यादव, न्यायालयीन स्टाफ और देहात थाने के पुलिस बल के जवान उपस्थित रहे। यह कार्रवाई आमजन में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सड़कों को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
