भिण्ड में मिलावटी घी जब्त, दो दुकानें सील
भिण्ड में कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा टीम ने छापेमार कार्रवाई करते हुए सुशील जैन घी भण्डार से 2 लाख का 300 किलो संदिग्ध...

द क्लिफ न्यूज़ | भिण्ड | 28 जुलाई 2026
मध्य प्रदेश के भिण्ड जिले में शुद्ध दूध और दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं प्रशासन की टीमों ने शहर और मेहगांव में बड़े पैमाने पर औचक निरीक्षण और छापेमार कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान सुशील जैन घी भण्डार से लगभग 2 लाख रुपये मूल्य का 300 किलो संदिग्ध घी जब्त किया गया, जबकि बिना खाद्य पंजीयन के संचालित हो रही दो दुकानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
मंगलवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी किरण सैंगर के नेतृत्व में टीम ने भिण्ड शहर में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की। जोशी नगर, इटावा रोड स्थित सुशील जैन घी भण्डार पर चलित खाद्य प्रयोगशाला के माध्यम से घी की गुणवत्ता की मौके पर ही जांच की गई। प्रारंभिक जांच में मिलावट की पुष्टि होने के बाद घी का वैधानिक नमूना लिया गया। इस दौरान दुकान से लगभग 300 किलो संदिग्ध घी, जिसका अनुमानित मूल्य 2 लाख रुपये है, को जब्त कर लिया गया। संचालक के पास अनिवार्य खाद्य पंजीयन न होने के कारण दुकान को तुरंत बंद करा दिया गया।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई
सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर, टीम ने सेवा नगर स्थित पंडित किराना स्टोर का भी निरीक्षण किया। यहां भी बिना खाद्य पंजीयन के कारोबार संचालित पाया गया, जिस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दुकान को बंद करने का आदेश दिया।
मेहगांव में दुग्ध उत्पादों के नमूने एकत्र
दूसरी ओर, खाद्य सुरक्षा अधिकारी रेखा सोनी के नेतृत्व में मेहगांव क्षेत्र में भी सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान दुग्ध विक्रेता शेरसिंह की गुरुकृपा दूध डेयरी से दूध के चार अलग-अलग नमूने एकत्र किए गए। इसके साथ ही, एबी रोड स्थित गोकुल मिष्ठान भंडार से दूध, दही, मावा, घी, पनीर, बेसन के लड्डू और टोस्ट सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लिए गए।
जांच के लिए भोपाल भेजी गई सामग्री
खाद्य सुरक्षा अधिकारी किरण सैंगर ने बताया कि एकत्र किए गए सभी खाद्य नमूनों को गुणवत्ता और मानक स्तरों की विस्तृत जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मिलावटखोरों और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़े वैधानिक कदम उठाए जाएंगे।
