भिण्ड में मावा व मिश्रित दूध के नमूने लिए, खाद्य विभाग की कार्रवाई
भिण्ड में खाद्य सुरक्षा विभाग ने डेयरी से मावा और दुग्ध वाहन से मिश्रित दूध के नमूने जांच के लिए भोपाल भेजे। विभाग ने लोगों को खाद्य पदार्थों की जांच के तरीके भी सिखाए।

द क्लिफ न्यूज़ | भिण्ड | 10 अगस्त 2026
भिण्ड जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी किरन सेंगर के नेतृत्व में ग्राम लावन स्थित एक डेयरी से मावा का नमूना लिया गया। इसके साथ ही, मलखान सिंह खटीक के दुग्ध वाहन से मिश्रित दूध का नमूना भी जब्त किया गया। इन दोनों नमूनों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। यह कार्रवाई मिलावटखोरों पर नकेल कसने और उपभोक्ताओं को शुद्ध उत्पाद उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विभाग का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरें।
आम जनमानस के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण
जनता को खाद्य पदार्थों की शुद्धता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से, खाद्य सुरक्षा अधिकारी किरन सेंगर ने गौरी रोड स्थित महाकालेश्वर मंदिर परिसर में एक चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला का आयोजन किया। इस दौरान, उन्होंने उपस्थित लोगों को घर पर ही आसान तरीकों से विभिन्न खाद्य पदार्थों की शुद्धता की जांच करने की विधि सिखाई। यह पहल सीधे तौर पर उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के लिए की गई थी, ताकि वे अपने भोजन की गुणवत्ता की स्वयं पुष्टि कर सकें।
इस अवसर पर लोगों को जानकारी युक्त पेंपलेट भी वितरित किए गए, ताकि वे अपने दैनिक उपयोग में आने वाले खाद्य पदार्थों के प्रति अधिक सतर्क रह सकें। पेंपलेट में दूध, मावा, घी और अन्य सामान्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान के सरल घरेलू नुस्खे बताए गए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के जागरूकता अभियान आम जनता को मिलावटखोरों के झांसे से बचाने में प्रभावी साबित होते हैं।
खाद्य विक्रेताओं को मिला प्रशिक्षण
साथ ही, गौरी रोड स्थित चौपाटी पर खाद्य पदार्थों का विक्रय करने वाले ठेलों और स्टॉलों का भी निरीक्षण किया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने इन खाद्य विक्रेताओं को स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के मानकों के बारे में प्रशिक्षित किया। इसमें खाद्य पदार्थों के भंडारण, निर्माण और विक्रय के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आम जनता तक पहुंचने वाले खाद्य पदार्थ सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण हों।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विक्रेताओं को बताया गया कि कैसे वे अपने स्तर पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रख सकते हैं और ग्राहकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित भोजन उपलब्ध करा सकते हैं। विभाग द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि किसी भी विक्रेता द्वारा गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आम नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करने के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
