भिंड में मावा और घी के सैंपल जांच के लिए जब्त, मिलावटी सामग्री बरामद
खाद्य सुरक्षा विभाग ने भिंड शहर और गोरमी तहसील में छापामार कार्रवाई की। ब्लिंकिट स्टोर से घी के सैंपल और बजरंग डेयरी से मिल्क क्रीम जब्त की गई।

द क्लिफ न्यूज़ | 18 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश के भिंड शहर और गोरमी तहसील में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए मिलावटी खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए जब्त किए हैं। कार्रवाई नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन मध्य प्रदेश के आदेश और कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा के निर्देशन में की गई। इस दौरान, मिलावटी मावा बनाने में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री भी बरामद हुई है, जिसमें ग्लूकोज पाउडर और रिफाइंड पामोलिन ऑयल शामिल हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती किरन सेंगर ने भिंड शहर स्थित ब्लिंकिट कॉमर्स प्रा.लि. के स्टोर से गोवर्धन ब्रांड के घी के चार नमूने लिए और 8.4 लीटर घी जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹7518 बताई गई है। यह कार्रवाई ग्राहकों को शुद्ध घी उपलब्ध कराने के सरकारी प्रयास का हिस्सा है, जो खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मिलावटी मावा निर्माण का खुलासा
तहसील गोरमी में, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कु. रेखा सोनी ने ग्राम लोलई स्थित बजरंग डेयरी के प्रोपाइटर श्यामवीर बघेल से मिल्क क्रीम का नमूना लिया। यह नमूना दूध से निकलने वाली क्रीम की शुद्धता की जांच के लिए लिया गया था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसमें कोई मिलावट न हो। इसी प्रकार, ग्राम कृपे का पुरा में जितेन्द्र डेयरी से मावा का नमूना जांच के लिए लिया गया। इन नमूनों की रिपोर्ट आने पर ही उनकी गुणवत्ता का पता चलेगा।
इसी तहसील के ग्राम रावतपुरा में पवन डेयरी के प्रोपाइटर कमल किशोर प्रजापति के यहां से दूध, मावा और मावा बनाने में उपयोग होने वाली सामग्री जैसे रिफाइंड पामोलिन ऑयल तथा ग्लूकोज पाउडर के नमूने लिए गए। यहां की कार्रवाई विशेष रूप से महत्वपूर्ण थी क्योंकि इसमें सीधे मिलावट की प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले घटकों को पकड़ा गया।
जांच के दौरान यह पाया गया कि पवन डेयरी पर दूध में रिफाइंड ऑयल और ग्लूकोज पाउडर मिलाकर मिलावटी मावा तैयार किया जा रहा था। यह एक गंभीर मामला है क्योंकि रिफाइंड पामोलिन ऑयल और ग्लूकोज पाउडर का उपयोग मावा को अधिक मात्रा में बनाने और उसकी दिखावटी गुणवत्ता को बेहतर दिखाने के लिए किया जाता है, जबकि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इस प्रकार की मिलावट न केवल उपभोक्ताओं को धोखा देती है, बल्कि उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है।
मौके पर 40 किलोग्राम मावा, 55 किलोग्राम रिफाइंड पामोलिन ऑयल और 08 किलोग्राम ग्लूकोज पाउडर जब्त किया गया। यह मात्रा दर्शाती है कि मिलावट का यह कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा था। इसके अतिरिक्त, रिफाइंड ऑयल मिले हुए 15 लीटर दूध को नष्ट कर दिया गया। यह सुनिश्चित किया गया कि मिलावट वाला दूध किसी भी सूरत में उपयोग में न लाया जाए। साथ ही, डेयरी का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है और यह संदेश देती है कि मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
