भिंड में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा: 40 बालिकाओं को मिले लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस
मिशन शक्ति के तहत आयोजित पिंक ड्राइविंग लाइसेंस ड्राइव में 40 से अधिक बालिकाओं को निशुल्क लर्निंग लाइसेंस जारी किए गए। यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

द क्लिफ न्यूज़ | 31 जुलाई 2026
मध्य प्रदेश शासन की 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना और 'जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ विमेन' के तहत भिंड जिले के मिहोना स्थित शासकीय गांधी कॉलेज में 'पिंक ड्राइविंग लाइसेंस ड्राइव' का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इस अभियान के अंतर्गत 40 से अधिक बालिकाओं को तत्काल लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाकर उपलब्ध कराए गए।
महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी और महाविद्यालय का स्टाफ उपस्थित रहा। बाल संरक्षण अधिकारी अजय सक्सेना ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार, पिंक लाइसेंस ड्राइव महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बालिकाओं और महिलाओं के लिए ड्राइविंग लाइसेंस पूरी तरह निशुल्क हैं और किसी भी स्तर पर कोई शुल्क देय नहीं है।
बालिकाओं को ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया समझाई गई
शासकीय गांधी महाविद्यालय मिहोना में आयोजित इस शिविर में 150 से अधिक बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों के लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए पंजीकरण कराए गए। जिला परिवहन विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक भदौरिया ने बालिकाओं को पंजीकरण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने लर्निंग लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ड्राइविंग टेस्ट की प्रक्रिया के बारे में भी अवगत कराया। शिविर में 40 से अधिक बालिकाओं ने ड्राइविंग टेस्ट सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया, जिसके उपरांत उनके लर्निंग लाइसेंस तत्काल जनरेट कर उन्हें प्रदान किए गए।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रशंसनीय पहल
जिला कार्यक्रम अधिकारी महेन्द्र सिंह अंब और जिला परिवहन अधिकारी राजेन्द्र सोनी ने इस पहल को महिला सशक्तिकरण की दिशा में अत्यंत प्रशंसनीय बताया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल बालिकाओं का सशक्तिकरण होगा, बल्कि प्रदेश में आधी आबादी के ड्राइविंग लाइसेंस पंजीकरण की दर में भी वृद्धि होगी। दोनों विभागों ने भविष्य में भी इस तरह के शिविरों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण की दिशा में कार्य जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। महाविद्यालय के प्राचार्य धर्म सिंह और राष्ट्रीय सेवा योजना (रासेयो) के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अभिषेक तिवारी ने परिवहन और महिला एवं बाल विकास विभागों के इस प्रयास की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे जागरूकता शिविरों के आयोजन के लिए महाविद्यालय के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
बालिकाओं को अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान की गईं
कार्यक्रम के अगले चरण में 'मिशन वात्सल्य' के तहत बालिकाओं को पॉक्सो (POCSO) एक्ट के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। उन्हें पॉक्सो ई-बॉक्स पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई गई। इसके अतिरिक्त, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला एवं बालकों से संबंधित अन्य हेल्पलाइन, साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 और आपातकालीन सेवा 112 के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के संबंध में भी जानकारी दी गई और कार्यक्रम के अंत में सभी बालिकाओं तथा उपस्थित स्टाफ को बाल विवाह न करने की शपथ दिलाई गई।
