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भिंड में कृषक हितैषी "एग्रीस्टेक पंजीयन, पैक्स सदस्यता" अभियान शुरू

भिंड जिले में 20 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक "एग्रीस्टेक पंजीयन, पैक्स सदस्यता एवं अग्रिम उर्वरक उठाव अभियान" संचालित किया जा रहा है।

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भिंड में कृषक हितैषी "एग्रीस्टेक पंजीयन, पैक्स सदस्यता" अभियान शुरू

द क्लिफ न्यूज़ | 23 अगस्त 2026

भिंड जिले में किसानों के हित को सर्वोपरि रखते हुए, कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा के निर्देशन में एक महत्वपूर्ण अभियान प्रारंभ किया गया है। यह अभियान, जिसका नाम "एग्रीस्टेक पंजीयन, पैक्स सदस्यता एवं अग्रिम उर्वरक उठाव" है, 20 अगस्त 2026 से 15 सितंबर 2026 तक जिले भर में चलाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य रबी वर्ष 2026-27 के लिए किसानों को उर्वरकों के संतुलित और विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति प्रोत्साहित करना, तथा फसल की आवश्यकता के अनुरूप खाद की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

कलेक्टर मीणा ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों, जिनमें बैंक प्रबंधक, सहायक समिति प्रबंधक, संस्था कंप्यूटर ऑपरेटर और कृषि विभाग के अधिकारी शामिल थे, को इस अभियान को युद्ध स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए। बैठक में पैक्स सदस्यता, केसीसी सैचुरेशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा, कालातीत ऋण वसूली, खाद भंडारण व वितरण, सीएम हेल्प लाइन और ऋण वितरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई।

किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करने पर जोर

अभियान को केवल पंजीयन तक सीमित न रखने पर बल देते हुए, कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि किसानों को एग्रीस्टेक और ई-विकास प्रणाली में उपलब्ध सुविधाओं की व्यावहारिक जानकारी भी प्रदान की जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि किसानों को असंतुलित और अत्यधिक उर्वरक के उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों को उनकी फसल की आवश्यकता के अनुसार खाद उपलब्ध हो और ई-टोकन जनरेट करने तथा एग्रीस्टेक पोर्टल की अन्य सुविधाओं का लाभ मिले।

कलेक्टर मीणा ने जोर देकर कहा कि पैक्स (प्राथमिक कृषि साख समितियों) के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में खाद की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है, और आवश्यकता केवल इसके विकेन्द्रीकृत वितरण की व्यवस्था को सुचारू बनाने की है।

अधिकारियों पर उत्तरदायित्व निर्धारण की चेतावनी

अभियान की दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस अभियान के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी-कर्मचारी का उत्तरदायित्व निर्धारित कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान का सफल क्रियान्वयन जिले की कृषि उत्पादकता और किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।