भिंड में खाद्य सुरक्षा विभाग की मिलावटखोरों पर कार्रवाई, 8 प्रतिष्ठानों से सैंपल जांच को भेजे
भिंड में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट रोकने के लिए 8 प्रतिष्ठानों पर छापामार कार्रवाई की। विभिन्न स्थानों से दूध, घी, कुकिंग मिडियम और बेसन के सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजे गए हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | 12 अगस्त 2026
जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष सघन जांच अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने गत दिवस कई खाद्य कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर छापामार कार्रवाई की। कलेक्टर भिंड के आदेशानुसार, विभाग की टीम ने विभिन्न स्थानों से कुल 8 प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भोपाल भेजे हैं। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा करना है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी कु. रेखा सोनी और श्रीमती किरण सेंगर के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान किशन डेयरी, कचनाव रोड गोरमी से प्रो. संदीप सिंह भदौरिया की फर्म से दूध और घी का नमूना लिया गया। यह नमूना इस क्षेत्र में डेयरी उत्पादों की शुद्धता की जांच के लिए महत्वपूर्ण है। इसी प्रकार, अम्बाह के जय अम्बे डेयरी के दुग्ध वाहन (क्रमांक एमपी 07 जीबी 0823) से प्रो. सुरेन्द्र सिंह राठौर के फर्म का दूध का नमूना लिया गया। यह कदम विशेष रूप से दूध आपूर्ति श्रृंखला में मिलावट को रोकने पर केंद्रित है। मिहौना स्थित शिव शक्ति ट्रेडिंग कंपनी से एस कुकिंग मिडियम का नमूना लिया गया, जो खाना पकाने के तेलों में मिलावट की आशंकाओं को दूर करने के लिए है।
विभिन्न फर्मों से नमूने एकत्र
फूप क्षेत्र में भी कार्रवाई की गई, जहां प्रो. अशोक सिंह भदौरिया की फर्म अशोक डेयरी से दूध का नमूना लिया गया। ग्राम चोम्हो फूप में दूध विक्रेता मनोहर सिंह भदौरिया के दुग्ध वाहन (क्रमांक एमपी 07 जेडवी 0396) से भी दूध का सैंपल एकत्र किया गया। यह दर्शाता है कि अभियान ग्रामीण क्षेत्रों तक भी अपनी पहुंच बना रहा है। इसके अतिरिक्त, फूप निवासी बृजराज सिंह भदौरिया के दुग्ध वाहन (माँ गायत्री डेयरी) से भी दूध का नमूना लिया गया। प्रो. सुधीर शर्मा की फर्म बृजेश किराना स्टोर, फूप से गाय के दूध का एक और मावा के दो नमूने लिए गए, जो डेयरी उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला को कवर करता है। साथ ही, प्रो. बृजेश सिंह से बेसन का एक नमूना भी जांच के लिए भेजा गया, जिससे यह पता लगाया जा सके कि इस प्रमुख खाद्य सामग्री में कोई मिलावट तो नहीं है।
जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई सुनिश्चित करेगी कि खाद्य व्यवसायी नियमों का पालन करें और उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद मिलें। इस अभियान का उद्देश्य केवल दंडित करना नहीं है, बल्कि खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सभी हितधारकों को जिम्मेदार बनाना भी है। यह अभियान जिले में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं को मिलावट रहित उत्पाद उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निरंतर कदम है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
