भिंड में जनगणना 2027 की तैयारी: अधिकारियों से कर्मियों की सूची तलब
भिंड जिले में आगामी जनगणना 2027 के द्वितीय चरण हेतु प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिला प्रशासन ने सभी विभाग प्रमुखों को कर्मचारियों की...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 12 अक्टूबर 2026
भिंड जिले में आगामी जनगणना 2027 के द्वितीय चरण, जिसे जनसंख्या गणना के नाम से भी जाना जाता है, को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर कलेक्टर राजन बी नाडिया ने जिले के समस्त विभागाध्यक्षों और कार्यालय प्रमुखों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारी व कर्मचारियों की विस्तृत सूची तत्काल उपलब्ध कराएं।
यह सूची जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय, कलेक्ट्रेट परिसर भिंड में हार्डकॉपी के रूप में सौंपी जानी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों का विवरण आधिकारिक ईमेल आईडी पर भी अनिवार्य रूप से भेजा जाना चाहिए। किसी भी कर्मी की जानकारी को छिपाना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
कर्मियों के विवरण में विशेष बिंदु
जनगणना कार्य में लगे कर्मियों की सूची तैयार करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। अपर कलेक्टर द्वारा जारी निर्देशों में यह स्पष्ट किया गया है कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी आगामी 31 मार्च 2027 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उनके नाम के साथ 'रिमार्क' कॉलम में इस बात का विशेष उल्लेख करना होगा। इसी प्रकार, निलंबित चल रहे कर्मचारियों, दिव्यांग कर्मियों अथवा लंबी अवधि के अवकाश पर चल रहे कर्मचारियों की वर्तमान स्थिति का भी विवरण में स्पष्ट रूप से उल्लेख करना अनिवार्य होगा।
लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बरतने वाले अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। अपर कलेक्टर ने साफ किया है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर जानकारी नहीं भेजी जाती है या जानकारी अधूरी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम के प्रावधानों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। उन्होंने सभी विभागीय प्रमुखों को इस डेटा संकलन की प्रक्रिया को पूरी गंभीरता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जनगणना कार्य समय पर और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। यह कवायद जिले में जनगणना कार्य की रूपरेखा तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
