भिंड में जन सुरक्षा कार्यशाला: युवाओं को तकनीक और कानून की बारीकियां सिखाई गईं
भिंड के एम जे एस पी जी महाविद्यालय में दो दिवसीय जन सुरक्षा-युवा सृजन संवाद कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। पुलिस अधीक्षक ने युवाओं को तकनीकी...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | भिंड | 23 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश पुलिस विभाग की सामुदायिक पुलिसिंग शाखा और उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में भिंड स्थित शासकीय एम जे एस पी जी महाविद्यालय में दो दिवसीय 'जन सुरक्षा-युवा सृजन संवाद' कार्यशाला का उद्घाटन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीक के सही उपयोग और कानून की बारीकियों से अवगत कराना है।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल, डीएसपी अजय कुमार सिंह पंवार, रक्षित निरीक्षक अरविंद सिकरवार और महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील त्रिपाठी ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। उद्घाटन सत्र में 180 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
तकनीकी जागरूकता और भविष्य के लिए तैयारी
पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युग तेजी से बदलती तकनीक का है। ऐसे में युवाओं को पाठ्यक्रमों के अपडेट होने का इंतजार किए बिना, नई तकनीकों की उन्नत समझ स्वयं विकसित करनी चाहिए। उन्होंने छात्रों से तकनीक के व्यावहारिक उपयोग और इसके संभावित दुरुपयोग के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया। एसपी वर्मा ने युवाओं को भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए आज से ही तैयार रहने की प्रेरणा दी।
कानूनी प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अनुभव
कार्यशाला के प्रारंभिक चरण में पुलिस मुख्यालय द्वारा तैयार की गई 'सृजन संवाद' सामग्री और पीपीटी के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न सुरक्षा पहलुओं और कानूनों के बारे में जागरूक किया गया। प्रशिक्षण के आगामी चरणों में, छात्र स्थानीय पुलिस थानों का भ्रमण करेंगे। इस दौरान वे डायल-112 सेवा, अपराध की रिपोर्टिंग, एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया, जांच की विधियां, चार्जशीट तैयार करने और कोर्ट ट्रायल जैसी विधिक प्रक्रियाओं को करीब से समझेंगे।
इस महत्वपूर्ण पहल में कॉलेज के मास्टर ट्रेनर डॉ. रविकांत सिंह सहित अन्य प्राध्यापक और पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। सत्र का सफल संचालन डॉ. मोहित दुबे ने किया। यह कार्यशाला युवाओं को कानून और सुरक्षा व्यवस्था से जोड़कर उन्हें एक सजग और जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
