भिंड में जाम लगाने वाली 12 बैंक शाखाओं को नोटिस, पार्किंग नहीं तो स्थानांतरण की चेतावनी
भिंड नगर पालिका ने शहर के मुख्य मार्गों पर यातायात जाम करने वाली 12 प्रमुख बैंक शाखाओं को अंतिम चेतावनी दी है। पार्किंग व्यवस्था न...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 9 अक्टूबर 2026
भिंड शहर में सड़कों पर जाम का कारण बनने वाली बारह प्रमुख बैंक शाखाओं को नगर पालिका परिषद ने अब अंतिम चेतावनी जारी कर दी है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) वीरेंद्र चक्रवर्ती ने बैंकों के प्रबंधकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने ग्राहकों के वाहनों की पार्किंग के लिए तत्काल पृथक स्थान की व्यवस्था करें। यदि यह व्यवस्था नहीं की जाती है, तो उन्हें अपनी शाखाएं मुख्य मार्ग से हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित करनी होंगी। यह कदम शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए उठाया गया है।
यह पहली बार नहीं है जब नगर पालिका ने इस मुद्दे पर बैंकों को आगाह किया है। इससे पूर्व 23 सितंबर 2026 को भी एक पत्र जारी कर बैंकों से अपनी पार्किंग व्यवस्था में सुधार की अपेक्षा की गई थी। हालांकि, निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बाद भी बैंकों की ओर से इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। सीएमओ वीरेंद्र चक्रवर्ती ने बताया कि आज भी बैंक परिसरों के बाहर सड़कों पर वाहनों की अनियंत्रित और बेतरतीब पार्किंग के कारण आम राहगीरों, स्कूली बच्चों और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के आवागमन में गंभीर बाधा उत्पन्न हो रही है। प्रशासन के लिए यह स्थिति अब चिंता का विषय बन गई है।
यातायात में अवरोध पैदा करने वाली प्रमुख बैंक शाखाएं
नगर पालिका द्वारा जारी इस दूसरे और अंतिम नोटिस में शहर के विभिन्न व्यस्ततम मार्गों पर स्थित प्रमुख बैंक शाखाओं के नाम शामिल हैं। इनमें भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की परेड चौराहा और लश्कर रोड स्थित मुख्य शाखाएं प्रमुख हैं। इसके अलावा, पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की इटावा रोड शाखाएं, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का भगवती कॉम्प्लेक्स स्थित कार्यालय, नागरिक सहकारी बैंक (भगवती कॉम्प्लेक्स) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (बंगला बाजार) को भी नोटिस भेजा गया है। लश्कर रोड पर स्थित आईसीआईसीआई बैंक, यूको बैंक, एक्सिस बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) और बैंक ऑफ इंडिया को भी इस सूची में शामिल किया गया है। इन सभी बैंक शाखाओं के बाहर वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग के कारण सड़कों पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे राहगीरों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
पूर्व में जारी नोटिसों की अनदेखी
नगर पालिका परिषद ने पूर्व में भी बैंकों को यातायात नियमों का पालन करने और पार्किंग की व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे। 23 सितंबर 2026 को जारी किए गए पहले नोटिस का उद्देश्य बैंकों को उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराना और उन्हें अपनी अव्यवस्थित पार्किंग नीतियों में सुधार के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करना था। हालांकि, अपेक्षित सकारात्मक प्रतिक्रिया के अभाव में, बैंकों ने प्रशासन द्वारा तय की गई समय-सीमा के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इस अनदेखी के कारण, नगर पालिका को अब सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीरेंद्र चक्रवर्ती ने इस बात पर जोर दिया कि प्रशासन का लक्ष्य शहर में सुचारू यातायात प्रवाह सुनिश्चित करना है, और इसमें किसी भी प्रकार की बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बैंकों द्वारा पार्किंग की सुविधा प्रदान न करने के कारण शहर के मुख्य मार्गों पर लगातार जाम लगता है, जो न केवल आम जनता के लिए परेशानी का सबब बनता है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं के आवागमन को भी बाधित करता है।
कड़े कानूनी प्रावधानों की चेतावनी
सीएमओ वीरेंद्र चक्रवर्ती ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सार्वजनिक यातायात को बाधित करने और इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में संबंधित बैंकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि पार्किंग की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से दुरुस्त नहीं की जाती है, तो भविष्य में उत्पन्न होने वाली किसी भी कानूनी जटिलता या दुर्घटना के लिए संबंधित बैंक प्रबंधन स्वयं पूर्ण रूप से उत्तरदायी होगा। नगर पालिका का यह कदम शहर की यातायात व्यवस्था को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। इस कार्रवाई के माध्यम से, प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि व्यावसायिक प्रतिष्ठान अपनी जिम्मेदारियों को समझें और सार्वजनिक अव्यवस्था फैलाने में भागीदार न बनें।
नगर पालिका के इस कड़े रुख के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बैंक प्रबंधन इस चेतावनी पर किस प्रकार प्रतिक्रिया देते हैं। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण और जाम की स्थिति को अब और अधिक समय तक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर पालिका द्वारा जारी यह नोटिस शहर के यातायात प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने की दिशा में एक साहसिक कदम माना जा रहा है। यदि बैंक प्रबंधन समय रहते पार्किंग की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रहते हैं, तो नगर पालिका परिषद नियमानुसार और सख्त कानूनी कदम उठाने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र होगी। इस स्थिति में, बैंकों को न केवल भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है, बल्कि उनकी शाखाओं के संचालन पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। यह कार्रवाई शहर के अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए भी एक नजीर पेश कर सकती है, जो पार्किंग व्यवस्था को लेकर लापरवाही बरतते हैं। प्रशासन की यह पहल उम्मीद है कि शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।
