भिंड में हिंदी सप्ताह का भव्य आयोजन: साहित्यकार डॉ. भदौरिया हुए सम्मानित
भिंड में हिंदी सप्ताह के उपलक्ष्य में भारतीय साहित्य सदन व संगमन साहित्य सभा ने विशेष संगोष्ठी व सम्मान समारोह आयोजित किया। विधायक ने साहित्यकार...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 19 सितंबर 2026
भिंड शहर में भारतीय साहित्य सदन और संगमन साहित्य सभा के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी सप्ताह के उपलक्ष्य में एक विशेष संगोष्ठी और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। नगर पालिका परिषद के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न साहित्यकारों और कवियों ने हिस्सा लिया, जिसमें भिंड विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान, भिंड विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह ने मप्र जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक डॉ. शिवप्रताप सिंह भदौरिया को 'हिंदी सेवी सम्मान' से अलंकृत किया। डॉ. भदौरिया को उनके हिंदी साहित्य के प्रति योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय साहित्य सदन के अध्यक्ष दशरथ सिंह कुशवाह ने की, जबकि संगमन साहित्य सभा के अध्यक्ष कवि अंजुम मनोहर ने मंच संचालन की भूमिका निभाई।
नगर पालिका द्वारा साहित्यकारों को प्रतिवर्ष मिलेगा सम्मान
मुख्य अतिथि विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह ने अपने संबोधन में हिंदी भाषा की समृद्ध परंपरा और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि अब नगर पालिका परिषद प्रतिवर्ष एक साहित्यकार को 'हिंदी सेवी सम्मान' से सम्मानित करेगी। यह घोषणा साहित्य जगत के लिए एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि भविष्य में हिंदी दिवस को और भी अधिक भव्यता के साथ मनाया जाएगा, जिससे भाषा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़े।
ओजस्वी काव्य पाठ से श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध
कार्यक्रम के काव्य पाठ सत्र में सबल सिंह नरवरिया, सुमेर सिंह कुशवाह, प्रदीप वाजपेई, डॉ. शशिबाला राजपूत, राधा तोमर, प्रियंका राजावत, सुषमा श्रीवास्तव, हसरत हयात, राईन अजनबी, मुकेश शर्मा, गजेन्द्र सिंह कुशवाह, दर्शन लाल गौड़ और रामअवतार सिंह भदौरिया जैसे कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। कवियों ने अपनी ओजस्वी और प्रेरणादायक कविताओं से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और वातावरण को साहित्यिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर, संयोजक अम्बरीश शुक्ल ने सभी भाग लेने वाले कवियों को कलम और डायरी भेंट कर उनके योगदान के लिए सम्मानित किया। यह आयोजन भिंड शहर की हिंदी साहित्य के प्रति निष्ठा और प्रतिबद्धता का एक जीवंत प्रमाण था, जिसने भाषा और साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया।
