भिंड में गौशालाओं की सुस्ती पर कार्रवाई: सरपंच-सचिवों को नोटिस
भिंड जिले की गौशालाओं में क्षमता से कम गौवंश मिलने पर जिला पंचायत सीईओ ने सरपंचों, सचिवों और संचालकों को नोटिस जारी किया है। सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को गौशालाओं में विस्थापित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | भिंड | 18 अगस्त 2026
भिंड जिले में गौशालाओं के संचालन में लापरवाही और क्षमता से कम गौवंश पाए जाने पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) वीरसिंह चौहान और उपसंचालक (पशुपालन एवं डेयरी विभाग) ने कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा के निर्देशानुसार जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान, ग्राम पंचायत बबेड़ी (जनपद भिंड), गोहरा (जनपद मेहगांव), तथा परा, जौरी कोतवाल एवं घिनोची (जनपद अटेर) की गौशालाओं में व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कई गौशालाएं अपनी निर्धारित क्षमता के अनुसार गौवंश का पालन नहीं कर रही हैं। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए, संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंचों, सचिवों और गौशाला संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि निश्चित समय-सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया और गौशालाओं का संचालन नियमों के अनुसार सुचारू रूप से शुरू नहीं हुआ, तो पंचायत राज अधिनियम की धारा 39 और 40 के तहत सरपंचों और सचिवों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, गौशाला संचालकों के साथ किए गए अनुबंधों को भी निरस्त कर दिया जाएगा।
सड़कों पर घूम रहे मवेशियों के विस्थापन के निर्देश
जिला प्रशासन ने सड़कों पर घूम रहे निराश्रित मवेशियों को तत्काल पकड़कर नजदीकी गौशालाओं में विस्थापित करने के भी आदेश जारी किए हैं। इसके तहत, नगर पालिका भिंड को सड़कों पर विचरण कर रहे गौवंश को बबेड़ी, गोहरा और परा की गौशालाओं में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसी प्रकार, नगर परिषद मेहगांव अपने क्षेत्र के निराश्रित मवेशियों को ग्राम पंचायत बरहद एवं पचेरा की गौशालाओं में स्थानांतरित करेगा। नगर परिषद गोहद को भी निर्देशित किया गया है कि वह अपने क्षेत्र के मवेशियों को ग्राम पंचायत छीमका, पिपरसाना, चितौरा एवं अलोरी स्थित गौशालाओं में सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था करे।
पशुपालकों पर भी कसा शिकंजा
जिला प्रशासन ने पशुपालकों को भी चेतावनी दी है कि यदि किसी भी ग्राम पंचायत क्षेत्र में मवेशी सड़कों पर घूमते पाए गए, तो सीधे तौर पर संबंधित सरपंच और सचिव को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, यदि कोई पशुपालक अपने पालतू मवेशियों को सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर खुला छोड़ता पाया जाता है, तो उस पर न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। इस कार्रवाई का उद्देश्य सड़कों पर मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और अव्यवस्था को रोकना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि गौवंश की समुचित देखभाल हो।
