भिंड में दूध और डेरी उत्पादों की रैपिड किट से जांच, मिलावट पर कार्रवाई
भिंड में खाद्य सुरक्षा विभाग ने दूध और दुग्ध उत्पादों की रैपिड किट से जांच की। कई जगहों से नमूने लिए गए और छात्राओं को मिलावट पहचानने के तरीके सिखाए गए।

द क्लिफ न्यूज़ | 2 सितंबर 2026
कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा और खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अभिहित अधिकारी के निर्देशानुसार, भिंड जिले में दूध और उससे बने पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा रैपिड किट का उपयोग कर स्पॉट चेकिंग की गई। इस दौरान विभिन्न डेयरियों और वाहनों से दूध के नमूने लिए गए, जबकि कुछ स्थानों से खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती किरण सेंगर ने आर्य नगर स्थित सोनम दूध डेयरी और जय दुर्गे डेयरी के वाहनों में भरे दूध की रैपिड किट से जांच की। जय दुर्गे डेयरी के वाहन में भरे दूध की गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत जांच के लिए नमूना लिया गया। इसके अतिरिक्त, सोनम दूध डेयरी के बाहर खड़े वाहन और विजयवीर डेयरी के वाहन में भरे दूध की भी मौके पर जांच की गई। कार्यालय में प्राप्त शिकायत के आधार पर, धनवंतरी कॉम्प्लेक्स के पास चंपू कचौड़ी से दही और यूज्ड कुकिंग मस्टर्ड ऑयल के नमूने भी जांच हेतु लिए गए। इसी तरह, सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायत के जवाब में, इटावा रोड पर स्थित सांई कृपा रेस्टोरेंट का निरीक्षण कर तुअर दाल का नमूना भी जांच के लिए लिया गया।
गोहद और मिहोना में भी हुई जांच
खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती रीना बंसल ने तहसील गोहद में परशुराम कुशवाह की कृष्णा डेयरी से दूध का नमूना लिया। साथ ही, रामजीलाल मिष्ठान भंडार पर भी दूध, मावा और पनीर के नमूनों की रैपिड किट से जांच की गई। गोहद स्थित ताराचंद बांदिल की डेयरी से भी दूध का नमूना खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत जांच के लिए संग्रहित किया गया। सुश्री रेखा सोनी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, ने मिहोना में स्थित मालव महिला मिल्क प्रोड्यूसर चिलिंग सेंटर और असवार रोड से गुजर रहे वाहनों में भरे दूध की रैपिड किट से मौके पर ही जांच की।
छात्राओं को मिलावट पहचानने के सरल तरीके सिखाए
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जन जागरूकता के प्रयासों को भी आगे बढ़ाया गया। श्रीमती किरण सेंगर और चलित प्रयोगशाला की केमिस्ट कु. आरती शिवहरे ने बिहारी पब्लिक स्कूल में एक जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में स्कूल की छात्राओं को मिलावट को पहचानने के सरल तरीके सिखाए गए और मिलावट की रोकथाम संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। इस पहल का उद्देश्य युवाओं में खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, ताकि वे अपने दैनिक जीवन में शुद्ध खाद्य पदार्थों का सेवन सुनिश्चित कर सकें।
