भिंड में देवी प्रतिमा विसर्जन के लिए विशेष स्थल तय, प्रशासन ने दी चेतावनी
भिंड प्रशासन ने आगामी देवी प्रतिमा विसर्जन को लेकर सुरक्षा व व्यवस्था के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कई घाटों को अधिकृत किया गया...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 18 अक्टूबर 2026
भिंड अनुभाग में आगामी देवी प्रतिमा विसर्जन के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से विभिन्न नदियों के तटों पर विशेष स्थलों को अधिकृत किया है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि निर्धारित स्थलों के अतिरिक्त किसी भी अन्य स्थान पर प्रतिमाओं का विसर्जन न करें, अन्यथा कार्रवाई हो सकती है।
सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करते हुए, अधिकारियों ने कई घाटों और नदी किनारों को विसर्जन के लिए चिन्हित किया है। ये निर्णय विसर्जन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने की दिशा में उठाए गए कदम हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई इस सूची का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी विसर्जन कार्यक्रम निर्धारित नियमों और सुरक्षा उपायों के तहत संपन्न हों।
देहात और ऊमरी थाना क्षेत्रों के लिए निर्धारित स्थल
थाना देहात क्षेत्र के अंतर्गत गौरी किनारा भिंड, क्वारी नदी डिंडी, जवासा, वेसाली नदी बबेड़ी और क्वारी नदी कचोंगरा को देवी प्रतिमा विसर्जन के लिए अधिकृत स्थल घोषित किया गया है। ये स्थान स्थानीय समुदायों के लिए विसर्जन की सुविधा प्रदान करेंगे, साथ ही प्रशासन द्वारा वहां सुरक्षा और सफाई की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, थाना ऊमरी के अधिकार क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालु सिंध नदी घाट खेरा, क्वारी नदी घाट पाण्डरी और कनावर में अपनी प्रतिमाओं का विसर्जन कर सकेंगे। इन स्थलों का चयन इस आधार पर किया गया है कि ये आसानी से सुलभ हों और विसर्जन के दौरान भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
नयागांव और फूप थाना क्षेत्रों में विशेष निर्देश
थाना नयागांव के लिए सिंध नदी ग्राम टेहनगुर, सिद्ध बाबा घाट क्वारी नदी, क्वारी नदी ग्राम मढनई, सिंध नदी ग्राम दाह का पुरा और ककेरा जैसे स्थलों को चिन्हित किया गया है। इन स्थलों पर भी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, थाना फूप में केवल क्वारी नदी ग्राम कनकूरा को ही प्रतिमा विसर्जन के लिए तय किया गया है। इस क्षेत्र के निवासियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे इसी निर्धारित स्थान का उपयोग करें।
प्रशासन ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए हैं कि इन चिन्हित घाटों पर ही प्रतिमा विसर्जन किया जाए। इन स्थानों पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए जाएंगे, जिसमें जीवन रक्षक दल की उपस्थिति और यातायात प्रबंधन शामिल हो सकता है, ताकि विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं निर्विघ्न संपन्न हो सके। स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं से इन नियमों का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया गया है। नियमों के उल्लंघन पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। प्रशासन का मानना है कि इन उपायों से न केवल पर्यावरण की सुरक्षा होगी, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
