भिंड में दवा दुकानों का औचक निरीक्षण, स्टॉक की जानकारी तलब
भिंड के जिला अस्पताल के पास स्थित मेडिकल स्टोर्स का औषधि निरीक्षक ने औचक निरीक्षण किया। दवाओं की खरीद-बिक्री की जानकारी तीन दिन में मांगी गई है।

द क्लिफ न्यूज़ | 21 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में औषधि निरीक्षक डॉ. आकांक्षा गरुड़ ने जिला अस्पताल के आसपास संचालित मेडिकल स्टोर्स पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कई दुकानों का जायजा लिया और दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित विस्तृत जानकारी तीन दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। ऐसा न करने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, भोपाल के साथ-साथ भिंड कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में यह निरीक्षण अभियान चलाया गया। डॉ. गरुड़ ने जय मेडिकल एंड सर्जिकल्स, प्रकाश मेडिकल स्टोर, सूरज श्री मेडिकल स्टोर, विराग मेडिकोस, जय गुरुदेव मेडिकल स्टोर और अशोक मेडिकल स्टोर सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित दवाएं उपलब्ध हों।
दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे
निरीक्षण के दौरान, औषधि निरीक्षक ने विभिन्न दवाओं के सैंपल भी लिए। इन सैंपलों को आगामी जांच और परीक्षण के लिए भोपाल स्थित औषधि प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, जिसमें दवाओं की गुणवत्ता और मानकों की जांच शामिल है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि बाजार में केवल वही दवाएं उपलब्ध हों जो निर्धारित गुणवत्ता मापदंडों को पूरा करती हैं, सैंपलिंग एक महत्वपूर्ण कदम है।
दुकान मालिकों को दिए गए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान, दुकान मालिकों को अनेक दिशा-निर्देश जारी किए गए। इसमें लाइसेंस का उचित स्थान पर प्रदर्शन, दुकानों पर योग्य फार्मासिस्ट की उपस्थिति, दुकानों की साफ-सफाई का ध्यान रखना, एक्सपायरी दवाओं के निपटान की उचित व्यवस्था, स्टॉक रजिस्टर का रखरखाव, फ्रिज में रखी जाने वाली दवाओं का सही ढंग से भंडारण, बिना पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे के शेड्यूल एच (Schedule H) जैसी दवाओं का विक्रय न करना और दवाओं के क्रय-विक्रय अभिलेखों का नियमानुसार संधारण शामिल है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी औषधियां निर्धारित नियमों के तहत ही बेची जाएं। विशेष रूप से, बिना प्रिस्क्रिप्शन के शेड्यूल एच दवाओं की बिक्री पर कड़ी नजर रखी जा रही है, क्योंकि ये दवाएं गंभीर दुष्प्रभावों का कारण बन सकती हैं यदि इनका उपयोग सही चिकित्सा देखरेख के बिना किया जाए।
जिला अस्पताल के समीप इन मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। औषधि निरीक्षक ने स्पष्ट किया है कि दवाओं की गुणवत्ता और उनके वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दुकानदारों से कहा कि वे सभी नियमों और विनियमों का पालन करें, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और प्रभावी उपचार मिल सके। एक्सपायरी दवाओं के सही निपटान पर भी जोर दिया गया, ताकि ऐसी दवाओं के बाजार में दोबारा आने की संभावना समाप्त हो सके।
