भिंड में भारत विकास परिषद का 'गुरु वंदन छात्र अभिनंदन' कार्यक्रम संपन्न
भिंड में भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित 'गुरु वंदन छात्र अभिनंदन' कार्यक्रम में 600 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। मुख्य अतिथि शिवप्रताप सिंह राजावत ने संस्कार युक्त शिक्षा के महत्व पर जोर दिया।

द क्लिफ न्यूज़ | 4 अगस्त 2026
भारत विकास परिषद, भिंड शाखा द्वारा रेडरोज इंटरनेशनल स्कूल में 'गुरु वंदन छात्र अभिनंदन' कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 600 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्कारवान बनाना और उनके जीवन में अनुशासन के महत्व को रेखांकित करना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर देहात थाना प्रभारी शिवप्रताप सिंह राजावत उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष जयप्रकाश शर्मा ने की।
मुख्य अतिथि शिवप्रताप सिंह राजावत ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में बच्चों में संस्कारों की कमी देखी जा रही है, ऐसे में भारत विकास परिषद का यह आयोजन अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने विद्यार्थी जीवन में अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अनुशासन विद्यार्थियों को सही मार्ग पर ले जाता है और यह उन्हें न केवल सफलता दिलाने में सहायक होता है, बल्कि एक आदर्श नागरिक बनने में भी मदद करता है। राजावत ने इस बात पर जोर दिया कि यदि विद्यार्थी बचपन से ही अनुशासन का पालन करते हैं, तो उनके संस्कारों की जड़ें मजबूत होती हैं, जो जीवन भर उन्हें एक श्रेष्ठ इंसान बनाए रखती हैं। उन्होंने विद्यालयों में नैतिक शिक्षा को शामिल करने की आवश्यकता पर भी बल दिया, क्योंकि संस्कार युक्त शिक्षा ही विद्यार्थियों को उच्च स्तर तक ले जाती है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने छात्रों को मोबाइल के माध्यम से होने वाले साइबर अपराधों से बचाव और विभिन्न प्रकार के नशों से दूर रहने की सलाह भी दी।
भारत विकास परिषद का परिचय और उद्देश्य
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जयप्रकाश शर्मा ने भारत विकास परिषद को एक सामाजिक संगठन बताते हुए कहा कि यह संगठन स्वस्थ, समर्थ और संस्कारित भारत के निर्माण के लिए कार्यरत है। उन्होंने परिषद की व्यापकता की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में भारत विकास परिषद 80 प्रांतों और 10 रीजनों में विभाजित है, जिसके माध्यम से पूरे देश में लगभग 1600 शाखाएं सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। शर्मा ने परिषद के पांच मुख्य सूत्रों - संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा और समर्पण - पर विस्तार से प्रकाश डाला और सभी को परिषद की परिकल्पना, उसके कार्यों तथा 'गुरु वंदन छात्र अभिनंदन' जैसे कार्यक्रमों के उद्देश्यों से अवगत कराया।
गुरुओं का महत्व और स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन
कार्यक्रम में डॉ. डीके शर्मा ने भारतीय सनातन पद्धति में गुरुओं की भूमिका को कबीर दास के दोहे 'गुरु गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागू पाय। बलिहारी गुरु आपकी, गोविन्द दियो मिलाय।' के माध्यम से समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान की। विशिष्ट अतिथि कमलेश सेंथिया ने भारत विकास परिषद की वर्तमान गतिविधियों से उपस्थितजनों को अवगत कराया, जबकि कार्यक्रम संयोजक गणेश भारद्वाज ने 'गुरु वंदन छात्र अभिनंदन' कार्यक्रम के विशेष उद्देश्यों पर अपने विचार रखे। मधुकांता ने एक प्रेरणादायक गीत के माध्यम से बच्चों का मार्गदर्शन किया।
सदाचार और सम्मान की शपथ, विद्यार्थियों और शिक्षकों का सम्मान
कार्यक्रम का संचालन शाखा सचिव राजमणि शर्मा ने किया और प्राचार्य ज्योति सोनी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान, उपस्थित सभी लोगों को 'गुरु वंदन छात्र अभिनंदन' के अंतर्गत सामूहिक रूप से सदाचार और गुरुओं के सम्मान की शपथ दिलाई गई।
विद्यालय परिवार की ओर से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 30 विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र और मेडल से सम्मानित किया गया। साथ ही, शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले 35 शिक्षकों और शिक्षिकाओं को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय गान के साथ इस प्रेरणादायक कार्यक्रम का समापन हुआ।
