भिंड में अवैध शराब की बड़ी खेप जब्त, कलेक्टर के आदेश पर आबकारी विभाग की कार्रवाई
भिंड में 'नशे से दूरी, है जरूरी 2.0' अभियान के तहत कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा के निर्देश पर जिला आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। बिलाव मोड़ के पास एक दुकान से देशी और विदेशी शराब जब्त की गई है।

द क्लिफ न्यूज़ | 9 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में 'नशे से दूरी, है जरूरी 2.0' अभियान के तहत चलाए जा रहे सघन अभियानों के क्रम में एक बड़ी कार्रवाई हुई है। कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा को मिली एक गोपनीय सूचना के आधार पर, जिला आबकारी अधिकारी महेश गौड़ को तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। इन निर्देशों के अनुपालन में, आबकारी विभाग ने भिंड-लहार रोड पर बिलाव मोड़ के पास स्थित एक दुकान पर छापामार कार्रवाई की। यह अभियान प्रदेश को नशा मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है, जिसके अंतर्गत विभिन्न जिलों में लगातार चेकिंग और छापेमारी की जा रही है।
कलेक्टर मीणा ने जिले में अवैध शराब की बिक्री और सेवन पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, ताकि युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से बचाया जा सके और समाज में शांति एवं सुरक्षा का माहौल बना रहे। इसी कड़ी में, प्राप्त सूचना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए आबकारी विभाग हरकत में आया और प्रभावी कार्यवाही को अंजाम दिया।
अवैध शराब की खेप बरामद
जिला आबकारी अधिकारी महेश गौड़ के नेतृत्व में, वृत्त प्रभारी कृष्णकांत शर्मा और उनकी टीम ने भिंड-लहार रोड पर स्थित बिलाव मोड़ के पास एक संदिग्ध दुकान पर अचानक दबिश दी। इस छापामार कार्रवाई के दौरान, दुकान के संचालक गौरव सिंह राजावत को रंगे हाथों पकड़ा गया। तलाशी लेने पर, आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई, जो कि बिना किसी लाइसेंस या अनुमति के बेची जा रही थी। जब्त की गई शराब में 13.68 बल्क लीटर (बीएल) देशी मदिरा, 13.69 बल्क लीटर (बीएल) विदेशी मदिरा व्हिस्की, और 10 रुपए कीमत की बीयर शामिल है।
यह बरामदगी इस बात का संकेत देती है कि क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार काफी सक्रिय था। विभाग ने जब्त की गई शराब का पंचनामा तैयार किया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उसे अपने कब्जे में ले लिया। इस प्रकार की अवैध बिक्री न केवल राजस्व को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती है।
आरोपी के खिलाफ़ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज
प्रशासन ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए, आरोपी गौरव सिंह राजावत के विरुद्ध मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है। यह धारा, विशेष रूप से, बिना लाइसेंस के शराब का निर्माण, कब्जा, या बिक्री करने जैसे अवैध कृत्यों से संबंधित अपराधों पर लागू होती है। इस धारा के तहत दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को कारावास और जुर्माने दोनों का प्रावधान हो सकता है।
पुलिस और आबकारी विभाग मिलकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि ऐसे मामलों में कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो, ताकि अपराधियों को सबक मिले और अवैध शराब के नेटवर्क को तोड़ा जा सके। इस कार्रवाई के माध्यम से, स्थानीय प्रशासन ने एक बार फिर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है कि वे जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
विभाग की तत्परता और सराहनीय भूमिका
इस महत्वपूर्ण और सफल कार्रवाई को अंजाम देने में आबकारी आरक्षक धर्मेंद्र भदौरिया और राजनाथ मौर्य की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। इन दोनों आरक्षकों ने सूचना संकलन से लेकर छापामार कार्रवाई तक, सक्रिय और निष्ठावान योगदान दिया। उनके सतर्कता और तत्परता के कारण ही यह बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त की जा सकी और आरोपी को पकड़ा जा सका।
कलेक्टर के त्वरित और स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में आबकारी विभाग ने जिस तत्परता से कार्रवाई की, उसकी सराहना की जा रही है। यह घटनाक्रम इस बात का प्रमाण है कि जब प्रशासन सूचनाओं पर गंभीरता से ध्यान देता है और त्वरित कार्यवाही करता है, तो अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना संभव है। इस अभियान के तहत भविष्य में भी ऐसी सघन और प्रभावी कार्रवाईयां जारी रखने की पूरी उम्मीद है, ताकि भिंड जिले को नशे के अभिशाप से मुक्ति दिलाई जा सके।
