भिंड: किशोरी की इलाज के दौरान मौत, डॉक्टर क्लिनिक छोड़कर फरार, क्लिनिक सील
भिंड में निजी क्लिनिक पर इलाज के दौरान एक किशोरी की मौत से आक्रोश फैल गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने हंगामा किया, जिसके बाद प्रशासन ने क्लिनिक सील कर डॉक्टर के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।

संवाददाता: दीपेन्द्र बोहरे
द क्लिफ न्यूज़ | भिंड | 8 सितंबर 2026
भिंड शहर के हाउसिंग कॉलोनी स्थित एक निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान जानवी तोमर नामक किशोरी की मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय नागरिकों का गुस्सा भड़क उठा, जिसके चलते आरोपी चिकित्सक डॉ. विनीत गुप्ता क्लिनिक छोड़कर मौके से फरार हो गए। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना की गंभीरता को देखते हुए क्लिनिक को सील कर दिया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, किशोरी की मौत की खबर फैलते ही शहरवासियों का आक्रोश फुट पड़ा। मौके पर जमा हुई भीड़ ने स्वास्थ्य विभाग और कथित तौर पर लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नागरिकों का आरोप है कि शहर में निजी क्लिनिकों द्वारा लूट-खसोट का कारोबार चलाया जा रहा है, जिस पर जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं।
प्रशासनिक अमला पहुंचा, क्लिनिक सील
घटना की सूचना मिलते ही उपखंड मजिस्ट्रेट (एसडीएम) भिंड अखिलेश शर्मा और अनुमंडल पुलिस अधिकारी (सीएसओ) निरंजन सिंह राजपूत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। इसके बाद, स्वास्थ्य विभाग की टीम की मौजूदगी में क्लिनिक को सील करने की कार्रवाई की गई। प्रशासन ने इस मामले की न्यायिक और विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
सरकारी ड्यूटी छोड़ निजी क्लिनिक पर फोकस का आरोप
स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. विनीत गुप्ता सरकारी अस्पताल में सेवाएं देने के बजाय हाउसिंग कॉलोनी स्थित अपने निजी क्लिनिक पर अधिक समय व्यतीत करते हैं। आरोप है कि वे मरीजों को सरकारी अस्पताल से अपने निजी क्लिनिक पर बुलाते हैं और मनमानी फीस वसूलते हैं। यह उनकी कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है। इसके अलावा, जांचों के नाम पर पैथोलॉजी लैब से कमीशन लेने का खेल भी खुलेआम चलने का दावा किया गया है।
डॉ. विनीत गुप्ता पूर्व में भी विवादों में रहे
सूत्रों के अनुसार, डॉ. विनीत गुप्ता का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले भी उन पर इलाज में लापरवाही, मरीजों के साथ दुर्व्यवहार और सरकारी ड्यूटी में अनियमितता बरतने जैसे आरोप लग चुके हैं। बार-बार शिकायतें मिलने के बावजूद कड़े कदम न उठाए जाने के कारण उनके हौसले बुलंद थे।
आगे की कार्रवाई और जांच
एसडीएम भिंड अखिलेश शर्मा ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कहा, "मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्लिनिक को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। इलाज में लापरवाही और क्लिनिक की वैधानिकता की गहन जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई होगी।"
