भिंड कलेक्टर ने स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा की, खराब प्रदर्शन पर कार्रवाई के निर्देश
भिंड में कलेक्टर ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जननी सुरक्षा और प्रसूति सहायता योजनाओं की सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर असंतोषजनक प्रगति के लिए बीएमओ गोहद के निलंबन और बीपीएम गोहद की सेवा समाप्ति का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

द क्लिफ न्यूज़ | 20 अगस्त 2026
भिंड जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों की वर्तमान स्थिति का विस्तृत जायजा लिया गया और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक के दौरान, कलेक्टर ने विशेष रूप से जननी सुरक्षा योजना और प्रसूति सहायता योजना के तहत सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तत्काल बजट आवंटन प्राप्त कर लाभार्थियों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जिन शिकायतों का समाधान संभव न हो, ऐसे अपात्र शिकायतकर्ताओं की शिकायतों को नियमानुसार 'फोर्स क्लोज' करने के आदेश दिए गए। सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के प्रभावी निराकरण में गोहद ब्लॉक के चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) के असंतोषजनक प्रदर्शन को देखते हुए, कलेक्टर ने उनके निलंबन का प्रस्ताव तैयार करने और गोहद ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक (बीपीएम) की सेवा समाप्ति का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
मानसून में वेक्टर जनित रोगों पर निगरानी और स्वास्थ्य कर्मियों के भुगतान के निर्देश
कलेक्टर ने आगामी मानसून के मौसम को देखते हुए वेक्टर जनित रोगों की नियमित निगरानी बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इन रोगों के प्रकोप को रोकने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए कि सभी स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन, पारिश्रमिक और मानदेय का भुगतान समय पर किया जाए। सीएमएचओ को ई-आफिस के माध्यम से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने के लिए निर्देशित किया गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के लिए ई-आफिस और जेम पोर्टल के प्रशिक्षण की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि विभागीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और दक्षता लाई जा सके। 108 एम्बुलेंस वाहनों के सुचारू संचालन के लिए, कलेक्टर ने चेकलिस्ट के आधार पर मासिक ऑडिट को आगामी दिनों में पूरा करने के आदेश दिए।
पोषण पुनर्वास केंद्र और टीकाकरण की प्रगति पर जोर
बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर एएनएम (ऑक्सेलरी नर्स मिडवाइफ) की अनुपलब्धता को संबोधित किया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि एएनएम-विहीन स्वास्थ्य केंद्रों में तत्काल निकटवर्ती एएनएम को अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाए। रौन, मौ और गोरमी जैसे क्षेत्रों में समर्पित पोषण पुनर्वास केंद्र खोलने के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए, ताकि कुपोषित बच्चों के इलाज और प्रबंधन में सुधार किया जा सके। एचएमआईएस (स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली) और यूविन पोर्टल पर टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए, उन्होंने निर्देश दिया कि टीके लगाने के तुरंत बाद संबंधित जानकारी को पोर्टल पर अद्यतन किया जाए। लहार और मेहगांव में डेटा प्रविष्टि में धीमी गति को देखते हुए, अतिरिक्त एमटीएस (Multi-tasking Staff) उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। दस्तक अभियान के तहत बच्चों की स्क्रीनिंग और शिशु मृत्यु दर की समीक्षा को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
गैर-संचारी रोग और टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा
कलेक्टर ने 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों में गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को इन रोगियों के सत्यापन के लिए आभा आईडी (आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता) से लिंक करने की प्रक्रिया को पूरा करने को कहा। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत, एक्सरे स्क्रीनिंग, निक्षय मित्र के माध्यम से फूड बास्केट वितरण, 70 वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड निर्माण, स्वास्थ्य संस्थाओं में चल रहे निर्माण कार्यों और आगामी पल्स पोलियो अभियान जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं की भी समीक्षा की गई। इस बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), सिविल सर्जन, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) और ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम) सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
