भिंड कलेक्टर ने राजस्व कार्यों की समीक्षा की, लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के निर्देश
भिंड कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने राजस्व अधिकारियों के साथ बैठक में फसल गिरदावरी, स्वामित्व योजना और सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों के शीघ्र समाधान...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 19 सितंबर 2026
भिंड कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने जिले के प्रशासनिक और राजस्व कार्यों की गहन समीक्षा की। इस बैठक में अपर कलेक्टर, सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अधीक्षक भू-अभिलेख सहित जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की प्रगति का आकलन करना और राजस्व से जुड़े लंबित प्रकरणों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना था।
कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने फसल गिरदावरी कार्य की धीमी प्रगति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को इसमें तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने स्वामित्व योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी प्रक्रिया को गति देने के लिए पटवारियों को प्रत्येक घर का दौरा कर सर्वे करने और इस संबंध में दैनिक रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त, एसडीएम को इस पूरी प्रक्रिया की निरंतर निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रथम प्रकाशन के बाद लंबित स्वामित्व प्रकरणों में आरओआर (पंजीकरण और अधिकार का रिकॉर्ड) की प्रविष्टि कराकर उन्हें शीघ्र प्रकाशित करने पर भी जोर दिया गया।
राजस्व प्रकरणों और सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के त्वरित निपटारे पर बल
बैठक में नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे राजस्व से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों के समयबद्ध निराकरण को सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित किया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि साइबर तहसील से संबंधित रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत की जानी चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। भूमि आवंटन से जुड़े लंबित प्रकरणों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर हल करने के निर्देश दिए गए, ताकि भूमि संबंधी समस्याओं का समाधान हो सके।
बैठक के दौरान, सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने विशेष रूप से उन शिकायतों पर ध्यान केंद्रित करने का आदेश दिया जो सौ दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। उन्होंने इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए निर्देशित किया, ताकि आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का समय पर लाभ मिल सके और उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। इन निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है।
