भिंड कलेक्टर ने जनसुनवाई में सुनीं 115 समस्याएं, त्वरित समाधान के निर्देश
भिंड में साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा ने 115 आवेदकों की समस्याओं को सुना और अधिकारियों को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए।

द क्लिफ न्यूज़ | 18 अगस्त 2026
भिंड जिले में मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा ने विभिन्न समस्याओं से ग्रसित 115 आवेदकों की शिकायतों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले में प्राथमिकता के आधार पर त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। इस जनसुनवाई में अपर कलेक्टर भी मौजूद रहे जिन्होंने आमजन की समस्याओं को सुनकर उनके शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया।
जनसुनवाई के दौरान प्राप्त हुए आवेदनों में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग, विद्युत बिलों में सुधार, खराब पड़े हैंडपंपों का संधारण, पेंशन स्वीकृति, सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए सहायता, हितग्राही मूलक सरकारी योजनाओं का लाभ, बीपीएल राशन कार्ड बनवाने तथा भूमि पर हुए अवैध कब्जों को हटाने जैसे मामले प्रमुख रहे।
समस्याओं के शीघ्र समाधान पर जोर
कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि की गई कार्रवाई से आवेदकों को अनिवार्य रूप से अवगत कराया जाए। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आमजन को सरकारी सेवाओं का लाभ बिना किसी बाधा के सुलभ हो सके और उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार परेशान न होना पड़े।
इस साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन नियमित रूप से किया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं को सीधे सुनना और उनका समाधान करना है। कलेक्टर मीणा ने इस प्रक्रिया की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि जनसुनवाई केवल शिकायतों के निवारण का मंच नहीं है, बल्कि यह शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। इसके द्वारा प्रशासन को जमीनी स्तर की वास्तविकताओं और आम आदमी की अपेक्षाओं को समझने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारी इस बात का ध्यान रखें कि जनसुनवाई में आने वाले प्रत्येक आवेदक को सम्मानपूर्वक सुना जाए और उनकी समस्या को पूरी संवेदनशीलता के साथ समझा जाए। कलेक्टर ने विशेष रूप से उन मामलों पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए जिनमें गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को ऐसे प्रकरणों में तत्काल कार्रवाई करने और पात्र हितग्राहियों को यथाशीघ्र सहायता उपलब्ध कराने के लिए कहा।
विद्युत बिलों में विसंगतियों और सुधार संबंधी आवेदनों पर विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे संबंधित उपभोक्ताओं के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान करें। इसी प्रकार, बंद पड़े हैंडपंपों के संधारण के संबंध में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को शीघ्रता से कार्रवाई करने तथा पेयजल की आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए। पेंशन स्वीकृति संबंधी प्रकरणों में संबंधित विभाग के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि पात्र व्यक्ति को समय पर पेंशन का लाभ मिले और किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।
सड़क दुर्घटना सहायता संबंधी आवेदनों पर भी त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए गए, ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर आवश्यक सहायता मिल सके। हितग्राही मूलक सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ योग्य व्यक्तियों तक ही पहुंचे और इसमें किसी भी प्रकार की धांधली न हो। बीपीएल राशन कार्ड बनवाने तथा भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने जैसे मामलों में भी संबंधित तहसीलदार और अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्यवाही करें।
कलेक्टर ने इस बात पर भी जोर दिया कि सभी अधिकारी अपने कार्यालयों में भी जनसमस्याओं के निवारण के लिए तत्पर रहें और आवेदकों को अनावश्यक रूप से परेशान न करें। उन्होंने यह भी कहा कि जनसुनवाई में जो निर्देश दिए गए हैं, उनका पालन सुनिश्चित किया जाए और की गई कार्यवाही की रिपोर्ट भी समय पर प्रस्तुत की जाए। इस प्रकार, कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई इस जनसुनवाई ने जिले के नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान की एक नई उम्मीद प्रदान की है, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों को भी नागरिकों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया है।
