भिंड कलेक्टर ने दिए सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के लंबित मामले निपटाने के निर्देश
भिंड कलेक्टर पवन कुमार जैन ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के लंबित प्रकरणों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए।

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 19 अक्टूबर 2026
भिंड जिले में प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति लाने के उद्देश्य से कलेक्टर पवन कुमार जैन ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित शिकायतों व प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में यह आदेश जारी किए गए।
बैठक के दौरान कलेक्टर जैन ने विशेष रूप से सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के विभागवार लंबित मामलों पर गहन चर्चा की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि किसी भी शिकायत का निराकरण केवल औपचारिकता मात्र नहीं होना चाहिए, बल्कि वह संतुष्टिपूर्ण और उच्च गुणवत्ता वाला हो। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शिकायतों को अटेंड नहीं करने (नॉन-अटेंड) की श्रेणी में नहीं जाना चाहिए और कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए। विशेष रूप से 50 और 100 दिनों से अधिक पुरानी शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया गया, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
लोक सेवा गारंटी और ई-केवाईसी पर विशेष ध्यान
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सेवाएं उपलब्ध कराने की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, स्वामित्व योजना के अंतर्गत रजिस्ट्री की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए समस्त पटवारियों को कार्य में जुटने का आदेश एसडीएम और तहसीलदार को दिया गया।
बैठक में समग्र ई-केवाईसी के कार्य को भी प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। कलेक्टर ने सीईओ जनपद और सीएमओ को इस दिशा में तत्काल कदम उठाने को कहा, ताकि पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई पर जोर
बैठक में जिला पंचायत सीईओ वीरसिंह चौहान, अपर कलेक्टर राजन बी नाडिया, एसडीएम अटेर विनोद सिंह, एसडीएम लहार प्रदीप मिश्रा तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को हिदायत दी कि वे लंबित मामलों में अनावश्यक विलंब से बचें और निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार लाना और आमजन की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करना रहा, जिससे सरकारी सेवाओं के प्रति लोगों का विश्वास बढ़े।
