भिंड जनसुनवाई: कलेक्टर ने सुनीं 110 समस्याएं, त्वरित निराकरण के निर्देश
भिंड में कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने 110 नागरिकों की स्वास्थ्य, राजस्व, बिजली, पेंशन व योजनाओं संबंधी समस्याओं को सुनकर त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निराकरण के...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 13 अक्टूबर 2026
जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए 110 नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुना। जनसुनवाई में प्राप्त कुल 110 आवेदनों में नागरिकों ने विभिन्न विभागों से संबंधित अपनी कठिनाइयों और शिकायतों को दर्ज कराया।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वीर सिंह चौहान और अपर कलेक्टर राजन बी नाडिया भी उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी फरियादियों की शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुना और उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया। जनसुनवाई में मुख्य रूप से स्वास्थ्य सेवाओं, गंभीर बीमारियों के लिए आर्थिक सहायता, भूमि के सीमांकन, अवैध कब्जे, नामांतरण, बिजली बिलों में सुधार और खराब हैंडपंपों के संधारण जैसे मामले सामने आए। इसके अलावा वृद्धावस्था, विकलांग एवं विधवा पेंशन के साथ-साथ राशन कार्ड और जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुए।
अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण के निर्देश
कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि हर मामले में की गई कार्रवाई से आवेदक को भी अवगत कराया जाए, ताकि उन्हें कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि जनता की समस्याओं का निराकरण पारदर्शी और प्रभावी तरीके से हो, जिससे सरकारी तंत्र पर उनका विश्वास बना रहे।
जनहित के मामलों में कोताही बर्दाश्त नहीं
प्रशासन द्वारा जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना है। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनहित के मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नागरिकों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर हल करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह सीधे नागरिकों से जुड़ने और उनकी वास्तविक समस्याओं को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
स्वास्थ्य, राजस्व और बिजली संबंधी शिकायतों पर विशेष ध्यान
जनसुनवाई के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतों में दवाईयों की उपलब्धता, स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही और सरकारी अस्पतालों में साफ-सफाई जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। इसी प्रकार, राजस्व विभाग से संबंधित मामलों में जमीन के दस्तावेजों में सुधार, नामांतरण में देरी और अवैध कब्जों की शिकायतें सामने आईं। विद्युत विभाग से जुड़ी समस्याओं में गलत बिजली बिल आना, बिजली कटौती और ट्रांसफार्मर खराब होने की शिकायतें शामिल थीं। कलेक्टर ने इन सभी शिकायतों का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा
जनसुनवाई में वृद्धावस्था, विकलांग और विधवा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को लाभ नहीं मिलने या राशि में अनियमितता की शिकायतें भी आईं। इसके अतिरिक्त, पात्र हितग्राहियों को राशन कार्ड न मिलने और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहने के आवेदन भी प्राप्त हुए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी पात्र व्यक्तियों को उनका हक समय पर मिले। सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
