भिंड जनजातीय विभाग: ग्वालियर के अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार सौंपा
मध्य प्रदेश शासन ने भिण्ड जिले के जनजातीय कार्य विभाग में प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू रखने के लिए ग्वालियर के सहायक आयुक्त विवेक कुमार पाण्डेय को...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | भिण्ड | 1 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग ने भिण्ड जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण फेरबदल किया है। ग्वालियर में तैनात सहायक आयुक्त विवेक कुमार पाण्डेय को अब भिण्ड जिले के जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, जिसका उद्देश्य जिले में विभागीय गतिविधियों को निर्बाध रूप से जारी रखना है।
शासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह व्यवस्था भिण्ड के वर्तमान जिला संयोजक सी.पी. सोनी के अवकाश पर जाने के कारण की गई है। उप सचिव शंकरलाल सिंगाड़े के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश में कहा गया है कि विवेक कुमार पाण्डेय अपने वर्तमान दायित्वों के निर्वहन के साथ-साथ भिण्ड जिले के विभागीय कार्यों का भी संपादन करेंगे। इस अतिरिक्त प्रभार को आगामी आदेश तक प्रभावी माना जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में कोई रुकावट न आए।
नई व्यवस्था से विभागीय कार्यों में निरंतरता
शासन का मानना है कि इस प्रशासनिक कदम से जिले में जनजातीय कल्याण योजनाओं और अनुसूचित जाति विकास से जुड़ी गतिविधियों की निरंतरता सुनिश्चित होगी। यह परिवर्तन सरकारी कामकाज में किसी भी प्रकार के व्यवधान को रोकने और योजनाओं के सुचारू संचालन को बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया है। भिण्ड जिले के प्रशासनिक हलकों में इस नियुक्ति की जानकारी औपचारिक अधिसूचना के माध्यम से साझा कर दी गई है, जिससे सभी संबंधित अधिकारी नई व्यवस्था से अवगत हो सकें।
आगामी समय में, विभागीय समीक्षा के दौरान विवेक कुमार पाण्डेय अपनी नई भूमिका में सक्रिय रूप से कार्य करेंगे और भिण्ड जिले की विकास योजनाओं की निगरानी सुनिश्चित करेंगे। उनकी यह अतिरिक्त जिम्मेदारी जिले के समग्र विकास को गति प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी। जब तक कोई नया निर्देश प्राप्त नहीं होता, तब तक यह अतिरिक्त व्यवस्था यथावत जारी रहेगी, ताकि प्रशासनिक सुगमता बनी रहे।
अतिरिक्त प्रभार का महत्व
यह प्रशासनिक बदलाव, हालांकि अस्थायी प्रकृति का है, विभागीय कार्यों की निरंतरता को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। सी.पी. सोनी के अवकाश पर रहने के दौरान, विवेक कुमार पाण्डेय जैसे अनुभवी अधिकारी का प्रभार संभालना यह सुनिश्चित करेगा कि जनजातीय विकास और अनुसूचित जाति कल्याण से संबंधित परियोजनाओं में कोई विलंब न हो। ग्वालियर के सहायक आयुक्त के रूप में उनकी विशेषज्ञता भिण्ड जिले की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सहायक सिद्ध हो सकती है।
यह व्यवस्था मध्य प्रदेश शासन की उस प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है, जिसके तहत वह प्रशासनिक दक्षता और सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन पर जोर देता है। इस प्रकार के फेरबदल यह सुनिश्चित करते हैं कि महत्वपूर्ण विभागों का कामकाज कभी भी रुके नहीं, भले ही स्थानीय अधिकारी अनुपस्थित हों। विभाग के अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे नई व्यवस्था के तहत पूर्ण सहयोग प्रदान करें।
