भिंड: गणेश विसर्जन के दौरान क्वारी नदी में डूबे तीन बालक, विधायक ने लिया जायजा
भिंड के कनावर गांव में गणेश विसर्जन के दौरान क्वारी नदी में तीन बालक डूब गए। विधायक ने मौके का जायजा लेकर बचाव कार्यों में...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | भिंड | 26 सितंबर 2026
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक दुर्भाग्यपूर्ण और हृदयविदारक घटना सामने आई है। जिले के कनावर गांव में क्वारी नदी में गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए गए तीन किशोर गहरे पानी में समा गए। इस भीषण हादसे के कारण पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें सक्रिय हो गईं और युद्धस्तर पर खोजबीन अभियान शुरू कर दिया गया है।
यह हादसा उस समय हुआ जब ग्रामीण गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कर रहे थे। नदी का जलस्तर कुछ स्थानों पर अप्रत्याशित रूप से गहरा था, जिसका अंदाजा न लगा पाने के कारण तीन बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूब गए। नदी में तीन बच्चों के डूबने की खबर से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। तत्काल स्थानीय लोगों द्वारा बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन पानी के तेज बहाव और गहराई के कारण यह संभव नहीं हो सका।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह ने तत्काल कनावर गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जिला एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर बचाव कार्यों की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। विधायक ने बचाव दल, जिसमें एसडीआरएफ की टीमें और स्थानीय गोताखोर शामिल हैं, को लापता बच्चों की तलाश में हर संभव प्रयास करने और अभियान में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए हैं। विधायक ने स्वयं उपस्थित रहकर बचाव कार्यों की निगरानी की, ताकि कोई भी कसर न रह जाए।
विधायक कुशवाह ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि तीन मासूम बच्चों के डूबने की खबर से उनका मन अत्यंत व्यथित है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को सांत्वना देते हुए आश्वासन दिया कि इस कठिन घड़ी में प्रशासन उनके साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ा है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि जल्द ही बच्चों के संबंध में कोई शुभ समाचार मिले और शोकाकुल परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाए।
वर्तमान में, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में घटनास्थल पर राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से बचाव दल के सदस्य लगातार नदी में डूबे बच्चों की खोजबीन कर रहे हैं। पानी की गहराई में जाकर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, ताकि बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। एसडीआरएफ की टीमें विशेष उपकरणों के साथ नदी के हर हिस्से में खोज कर रही हैं। प्रशासन इस पूरे मामले पर पैनी नजर बनाए हुए है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। नदी के आसपास सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी अन्य अप्रिय घटना को रोका जा सके।
