भिंड: दवाओं के सैंपल लिए, दो मेडिकल स्टोर सील, दो संचालकों पर कार्रवाई तय
भिंड में औषधि निरीक्षक ने गोहद के मौ में कई मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया। नशे में उपयोग होने वाली दवाओं के विक्रय पर विशेष ध्यान दिया गया।

द क्लिफ न्यूज़ | 10 अगस्त 2026
भिंड जिले के गोहद क्षेत्र के मौ में औषधि निरीक्षक डॉ. आकांक्षा गरुड़ ने कई मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण कर औषधि अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. जेएस यादव के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में छह दवाओं के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान गौरी मंदाकिनी मेडिकल स्टोर, नवकर मेडिकल स्टोर, लक्ष्मी मेडिकल स्टोर, आदित्य मेडिकल स्टोर और अनमोल मेडिकल स्टोर की जांच की गई। इस दौरान, राणा मेडिकल स्टोर और मुस्कान मेडिकल स्टोर के संचालक निरीक्षण की भनक लगते ही दुकान बंद कर फरार हो गए। इन दोनों संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
बिना सक्षम व्यक्ति के संचालन पर कार्रवाई
अनमोल मेडिकल स्टोर पर प्रोपराइटर और सक्षम व्यक्ति सुभाष कुशवाह अनुपस्थित पाए गए। उनकी जगह दुकान पर केदार कुशवाह मौजूद थे। इस अनियमितता के चलते उक्त मेडिकल स्टोर के क्रय-विक्रय पर तत्काल रोक लगा दी गई और स्टोर को बंद करा दिया गया। औषधि निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट अथवा सक्षम व्यक्ति की उपस्थिति के किसी भी मेडिकल स्टोर का संचालन नहीं किया जा सकता है।
जांच के लिए भेजे गए दवाओं के सैंपल
निरीक्षण दल ने नवकर मेडिकल स्टोर, गौरी मंदाकिनी मेडिकल स्टोर और आदित्य मेडिकल स्टोर से कुल छह औषधियों के सैंपल एकत्र किए। इन सैंपलों को भोपाल स्थित औषधि प्रयोगशाला में जांच और परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बेची जा रही दवाएं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों।
नशीली दवाओं के विक्रय पर विशेष निगरानी
डॉ. आकांक्षा गरुड़ ने मेडिकल स्टोर संचालकों को नशे में उपयोग होने की संभावना वाली औषधियों के क्रय-विक्रय के रिकॉर्ड का नियमानुसार संधारण करने और निरीक्षण के दौरान उन्हें प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में दिशा-निर्देश भी प्रदान किए।
अन्य तहसीलों में भी जारी रहेंगी कार्रवाईयां
औषधि निरीक्षक डॉ. आकांक्षा गरुड़ ने बताया कि यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और आने वाले दिनों में इसी प्रकार की जांचें जिले की अन्य तहसीलों में भी की जाएंगी। इसका उद्देश्य आमजन को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराना है तथा औषधि अधिनियम के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है।
