भिंड: अवैध दवाओं पर शिकंजा, 9 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित
भिंड जिले में अवैध दवाओं के क्रय-विक्रय के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए 9 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। फूप...

द क्लिफ न्यूज़ | 28 जुलाई 2026
भिंड जिले में मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाया है। कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. जेएस यादव के निर्देशों के क्रम में, औषधि निरीक्षक डॉ. आकांक्षा गरुड़ ने जिले भर में अवैध दवाओं के क्रय-विक्रय और नियमों की अनदेखी करने वाले मेडिकल संस्थानों पर शिकंजा कस दिया है। इस कार्रवाई के तहत, पूर्व में जारी नोटिसों का संतोषजनक जवाब न देने वाले 9 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं, जिससे उनके सभी प्रकार के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई है।
औषधि निरीक्षक डॉ. आकांक्षा गरुड़ ने फूप क्षेत्र के कई मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण कर सघन जांच की। इस दौरान विकास मेडिकल एजेंसी, महावीर मेडिकल स्टोर, गोविन्द मेडिकल स्टोर, अशोक मेडिकल स्टोर, अभई मेडिकल स्टोर, एक अन्य महावीर मेडिकल स्टोर एवं जैन मेडिकल स्टोर जैसे संस्थानों का बारीकी से अवलोकन किया गया। निरीक्षण के दौरान, दुकानों के लाइसेंस की वैधता, दवाओं की एक्सपायरी डेट और पंजीकृत फार्मासिस्टों की उपस्थिति जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच की गई।
फूप क्षेत्र में कड़े निर्देश जारी
निरीक्षण के दौरान, डॉ. गरुड़ ने फूप क्षेत्र के मेडिकल स्टोर संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति के किसी भी मेडिकल स्टोर का संचालन किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने नशीली दवाओं के रूप में इस्तेमाल होने वाली औषधियों के क्रय-विक्रय का सटीक रिकॉर्ड बनाए रखने और बिना डॉक्टर के पर्चे के शेड्यूल दवाओं की बिक्री कदापि न करने की सख्त हिदायत दी। इन निर्देशों का उद्देश्य अवैध दवाओं के वितरण को रोकना और औषधीय नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
असंतोषजनक जवाब पर हुई निलंबन की कार्रवाई
दवा बाजार में पाई जाने वाली गंभीर अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए, औषधि निरीक्षक ने जिले के 9 मेडिकल स्टोरों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की है। डॉ. आकांक्षा गरुड़ ने बताया कि विगत दिनों मिहोना, लहार, रौन, पिथनपुरा और गोहद के कई मेडिकल स्टोरों पर निरीक्षण के दौरान गंभीर खामियां पाई गई थीं। इन खामियों के संबंध में संबंधित दुकान संचालकों को नोटिस जारी कर संतोषजनक स्पष्टीकरण मांगा गया था। दुकान संचालकों द्वारा समय-सीमा में संतोषजनक उत्तर न देने के कारण यह कड़ी कार्रवाई की गई है।
जिन 9 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, उनमें मिहोना स्थित गिर्राज मेडिकल स्टोर और शीला मेडिकल स्टोर, लहार स्थित विनय मेडिकल स्टोर, श्रीगणेश मेडिकल स्टोर और मां शारदा मेडिकल स्टोर, रौन स्थित विधि मेडिकल स्टोर, पिथनपुरा स्थित नरवरिया ड्रग हाउस, तथा गोहद स्थित राज मेडिकल स्टोर और अनिल मेडिकल स्टोर शामिल हैं। निलंबन अवधि के दौरान इन सभी संस्थानों के किसी भी प्रकार के औषधीय क्रय-विक्रय पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
अवैध कारोबार पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी
इस अवसर पर औषधि निरीक्षक डॉ. आकांक्षा गरुड़ ने स्पष्ट किया कि मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने और औषधि अधिनियम के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का यह कदम औषधि बाजार में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
