भव्य कलश यात्रा के साथ नर्मदापुरम में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ
नर्मदापुरम के डोलरिया में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आरंभ हुआ। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा में भाग लिया, कथावाचक पं. संतोष जी महाराज ने कथा का आध्यात्मिक महत्व बताया।

द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 18 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के डोलरिया में मंगलवार को सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ एक भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय गीतों और भगवान के जयघोष से गूंज उठा।
खेड़ापति माता मंदिर से प्रारंभ हुई यह कलश यात्रा गांव के प्रमुख रास्तों से गुजरी और अंत में कथा पंडाल तक पहुंची। यात्रा में शामिल महिलाओं ने अपने सिर पर कलश धारण किए हुए थे और वे भजन-कीर्तन व जयघोष करते हुए आगे बढ़ रही थीं। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया, जो श्रद्धालुओं के उल्लास को और बढ़ा रहा था।
भागवत कथा का आध्यात्मिक महत्व
कथा के प्रथम दिन कथावाचक पंडित संतोष जी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के गहन आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक पारंपरिक धार्मिक आयोजन मात्र नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन को आध्यात्मिक उन्नति, सदाचार और सत्कर्मों की ओर प्रेरित करने वाली ज्ञान की एक अनमोल धारा है। पंडित महाराज ने इस बात पर बल दिया कि कथा श्रवण से न केवल मन को शांति और आत्मिक संतोष की प्राप्ति होती है, बल्कि यह जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में भी सहायक सिद्ध होती है।
आगामी सात दिनों तक चलने वाली इस कथा श्रृंखला में भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न मनमोहक लीलाओं सहित अनेक महत्वपूर्ण धार्मिक और आध्यात्मिक प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। कथावाचक ने डोलरिया और आसपास के क्षेत्रवासियों से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कथा में पहुंचकर धर्म लाभ अर्जित करें।
