भारत-फिलिस्तीन ने महिला सशक्तिकरण हेतु 'तुराथी' सेंटर को दी हरी झंडी
भारत और फिलिस्तीन के बीच 'तुराथी' इंडिया-फिलिस्तीन सेंटर के निर्माण हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की यह परियोजना फिलिस्तीनी महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भर बनाएगी।

द क्लिफ न्यूज़ | रामल्लाह | 21 जुलाई 2026
भारत और फिलिस्तीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, फिलिस्तीन में भारत की प्रतिनिधि महिमा सिकंद और फिलिस्तीन के राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था मंत्री इंजीनियर मोहम्मद अल अमूर ने 'तुराथी' इंडिया-फिलिस्तीन सेंटर के निर्माण के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के संशोधित प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता फिलिस्तीनी महिलाओं और स्थानीय उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रमुख पहल है।
भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 41 करोड़ रुपये) की यह परियोजना, फिलिस्तीनी विरासत परियोजनाओं के विकास और विपणन के लिए एक राष्ट्रीय केंद्र के रूप में कार्य करेगी। फिलिस्तीन स्थित भारत के प्रतिनिधि कार्यालय ने 'एक्स' पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस एमओयू से 'तुराथी' के दूसरे और तीसरे चरण को लागू करने में सहायता मिलेगी।
आर्थिक सशक्तिकरण और क्षमता निर्माण
रामल्लाह में स्थित इस प्रमुख विकास परियोजना का मुख्य उद्देश्य तकनीकी सहायता, व्यावसायिक प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और बाज़ारों तक बेहतर पहुँच प्रदान करके फिलिस्तीनी महिलाओं और स्थानीय उद्यमियों को सशक्त बनाना है। यह सेंटर न केवल उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा, बल्कि उन्हें अपने उद्यमों को विकसित करने और वैश्विक बाज़ार में अपनी पहचान बनाने में भी मदद करेगा।
हस्ताक्षर समारोह के दौरान, मंत्री अल अमूर ने इस महत्वपूर्ण आर्थिक और सांस्कृतिक पहल के लिए भारत के सहयोग की सराहना की। उन्होंने प्रतिनिधि को मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय सुधार के प्रयासों के बारे में भी जानकारी दी। भारतीय प्रतिनिधि सिकंद ने फिलिस्तीनी जनता और नेतृत्व के प्रति भारत के अटूट और निरंतर सहयोग को दोहराया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 'तुराथी' सेंटर फिलिस्तीनी महिलाओं की क्षमता निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता
भारत लंबे समय से फिलिस्तीन के लिए 'टू-स्टेट सॉल्यूशन' का एक दृढ़ समर्थक रहा है। भारत विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फिलिस्तीन की संप्रभुता के पक्ष में अपनी आवाज उठाता रहा है, साथ ही वहां स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लगातार तकनीकी और मानवीय सहायता प्रदान करता रहा है। 'तुराथी' सेंटर जैसी विकासात्मक परियोजनाएं फिलिस्तीनी जनता के प्रति भारत की इसी अटूट और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। यह पहल दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आर्थिक सहयोग को और गहरा करेगी।
